मुंबई को जल्द मिलेगा देश का पहला मैंग्रोव पार्क, गोराई में तैयार अनोखी इको-टूरिज्म परियोजना

Mumbai News: मुंबई का पहला मैंग्रोव पार्क गोराई में तैयार होने जा रहा है। इसकी लागत 33.43 करोड़ होगी। इको-टूरिज्म प्रोजेक्ट में ट्रेल, बोर्ड वॉक, वॉचटावर और व्याख्या केंद्र होंगे।
मैंग्रोव पार्क गोराई (pic credit; social media)
मैंग्रोव पार्क गोराई (pic credit; social media)
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Gorai Mangrove Park: उत्तर मुंबई के बोरीवली स्थित गोराई गांव में 8 हेक्टेयर में फैले गौराई मैंग्रोव संरक्षण केंद्र व पार्क के खुलने का इंतजार खत्म होने को है. इसके लोकार्पण की तारीख जल्द घोषित हो सकती है। लगभग 33.43 करोड़ रुपये की लागत से बनाई यह देश की पहली अनोखी परियोजना होगी। इसमें प्रकृति प्रेमी न केवल पर्यटन बल्कि समुद्री जीव-जंतुओं का लुत्फ उठा सकेंगे। इससे मुंबई महानगर क्षेत्र को भरपूर ऑक्सीजन भी मिलेगी।

मुंबई महानगर क्षेत्र में बड़े पैमाने कांक्रिट के जंगल उग रहे हैं। बढ़ती आचादी और शहरीकरण से पर्यावरण संतुलन बिगड़ रहा है। खुले और हरित क्षेत्र लगातार घटते जा रहे हैं। राज्य वन विभाग के मैग्रोव फाउंडेशन ने अनोखा इको-टूरिज्म विकसित किया है। यह परियोजना पर्यावरण संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस पार्क को 8 हेक्टेयर यानी 19.76 एकड़ में विकसित किया है। इस पार्क में एक प्रकृति व्याख्या केंद्र (एनआईसी), एक मैंग्रोव ट्रेल, पक्षी वेधशाला और कवाक ट्रेल आदि शामिल हैं. मैंग्रोव ट्रेल में 800 मीटर लंबा पैदल मार्ग शामिल है, जो पर्यटकों को मैंग्रोव वन में ले जाएगा।

साल 2023 में पूरी होनी थी परियोजना

इस परियोजना का काम 2023 तक पूरा हो जाना चाहिए था। लेकिन विभिन्न कारणों से काम में देरी हुई. इसके बाद जुलाई 2025 में खोलने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। फिनिशिंग का काम शेष रह गया था. वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार परियोजना का छिटपुट काम छोड़ दें तो परियोजना पूरी हो चुकी है। वरिष्ठ स्तर पर चर्चा करने के बाद परियोजना के लोकार्पण की तारीख जल्द घोषित हो सकती है। इसे भी पढ़ें- “लाडली बहन” योजना से नया अवसर, अब 1 लाख तक का कर्ज, वो भी 0 प्रतिशत ब्याज पर

वॉचटावर से प्रकृति का आनंद

प्रकृति प्रेमियों को इस पार्क के खुलने का बेसब्री से इंतजार है। गोराई क्रीक में बने वॉचटावर से पार्क के मनमोहक दृश्य को देखा जा सकता है। यह अपने आप में पहला मैग्रीव पार्क होगा, जिससे प्रकृति संरक्षण जागरूकता को बढ़ावा मिलेगा।

740 मीटर लंबा बोर्ड वॉक

घने मैग्रोव के बीच नसे किसी भी पेड को नुकसान पहुंचाए बगैर घुमावदार 740 मीटर लंबा बोर्ड वॉक बनाया गया है। इस पर चलने का अलग ही आनंद होगा। इस परियोजना के केंद्र में प्रकृति संरक्षण और व्याख्या केंद्र है, जो एक डोधग ग्राउंड से सटा हुआ है।

50 किमी से ज्यादा क्षेत्र मैंग्रोव

मुंबई का 50 किलोमीटर से ज्यादा क्षेत्र मैंग्रोव से घिरा हुआ है। मैंग्रोव व जलीय जीवन के संरक्षण और उसके महत्व के बारे में लोगों को समझझाने में गोराई पार्क महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसी तरह सरकार ने दहिसर, भांडुप व माहुल में भी मैग्रोव वन पार्क बनाने का फैसला किया है। इन पाकों में पर्यटकों के लिए कई आकर्षण की सुविधाएं होंगी. इनमें मैंग्रोव सफारी, बर्ड वॉचिंग टावर, ग्लास ब्रिज आदि का समावेश होगा। इसके माध्यम से लोग मॅग्रोव वनों की जैव विविधता, तटीय पारिस्थितिकी व पक्षी जीवन को बेहद करीब से देख और समझ सकेंगे।

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