परीक्षा केंद्र पर बेहोश हुई छात्रा, होश आते ही अस्पताल में पूरा किया 12वीं का पेपर! अमरावती में चर्चा तेज

12th Board Exam in Hospital: 12वीं की छात्रा परीक्षा के दौरान हुई बेहोश, अस्पताल में पुलिस सुरक्षा और सीसीटीवी की निगरानी में दिया पेपर। प्रशासन की संवेदनशीलता की सराहना।
A 12th-grade student fainted during her exam and took the exam in a hospital under police protection and CCTV surveillance.
अस्पताल में दिया बोर्ड का एग्जाम (सौजन्य-नवभारत)
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Gadge Maharaj Vidyalaya Exam Center: बारहवीं की परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्र पर अचानक तबीयत बिगड़ने से बेहोश हुई एक छात्रा को प्रशासन की तत्परता और संवेदनशीलता के चलते अस्पताल में ही परीक्षा देने का अवसर मिला। इस मानवीय निर्णय की शहरभर में सराहना हो रही है।

शनिवार को एचएससी परीक्षा के लिए बैठक क्रमांक 7014986 की छात्रा श्रेया गुणवंत देशमुख परीक्षा केंद्र पर उपस्थित थी। सुबह लगभग 10.50 बजे उसे चक्कर आया और वह बेहोश हो गई। तुरंत परीक्षा केंद्र के कर्मचारियों और वाहन चालक ने उसे इलाज के लिए महाजन अस्पताल में भर्ती कराया।

छात्रा की परीक्षा को लेकर मार्गदर्शन प्राप्त करने के लिए परीक्षा केंद्र प्रशासन ने वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया। विभागीय अध्यक्ष संदीप सांगवे से दूरभाष पर चर्चा कर आवश्यक अनुमति ली गई। इसके बाद सुबह 11.40 बजे अस्पताल पहुंचकर छात्रा से बातचीत की गई। स्वास्थ्य में सुधार होने पर उसने परीक्षा देने की सहमति दी।

पुलिस बंदोबस्त में अस्पताल पहुंचा प्रश्नपत्र

इसके पश्चात परीक्षा केंद्र क्रमांक 201 गाडगे महाराज विद्यालय से गोपनीयता के सभी नियमों का पालन करते हुए प्रश्नपत्र और उत्तरपुस्तिका पुलिस बंदोबस्त में सुबह 11.50 बजे अस्पताल पहुंचाई गई। इस दौरान महिला पुलिस कर्मचारी सविता प्राविड की नियुक्ति की गई। परिरक्षक वैदामली रामटेके और उपपरिरक्षक मोहम्मद इब्राहिम अली स्वयं उपस्थित थे।

  • प्रशासन की तत्परता से बेहोश छात्रा का बचा साल
  • महाजन अस्पताल में विशेष व्यवस्था कर कराई परीक्षा
  • शिक्षा विभाग के समन्वय से बना प्रेरक उदाहरण
  • परीक्षा केंद्र से अस्पताल तक पहुंची उत्तरपुस्तिका

कक्ष की सीसीटीवी से निगरानी

अस्पताल के कक्ष में सीसीटीवी निगरानी में छात्रा को परीक्षा देने के लिए आवश्यक व्यवस्था की गई। संपूर्ण प्रक्रिया विभागीय अध्यक्ष के निर्देशानुसार संपन्न हुई। इस व्यवस्था के कारण श्रेया देशमुख ने निर्धारित समय में अपना प्रश्नपत्र पूरा किया। प्रशासन, पुलिस और शिक्षा विभाग के समन्वय से छात्रा के शैक्षणिक भविष्य को प्राथमिकता देते हुए लिया गया यह निर्णय प्रेरणादायक और अनुकरणीय माना जा रहा है।

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