देश के सबसे छोटे टाइगर रिजर्व में पहली बार दिखा 'ब्लैक लेपर्ड', कैमरों में कैद हुई दुर्लभ झलक!

Rare Black Leopard Maharashtra: वर्धा के बोर व्याघ्र प्रकल्प में पहली बार दिखा दुर्लभ ब्लैक लेपर्ड। बुदलागढ़ तालाब परिसर में वन विभाग की टीम ने किया दीदार। वन्यजीव प्रेमियों में उत्साह।
A rare black leopard has been spotted for the first time at Wardha's Bor Tiger Reserve.
दुर्लभ काला तेंदुआ (सौजन्य-नवभारत)
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Black Leopard Bor Sanctuary: वर्धा जिले का बोर व्याघ्र प्रकल्प देश का सबसे छोटा टाइगर रिजर्व माना जाता है। यह अभयारण्य बाघों के संवर्धन के लिए अत्यंत उपयुक्त माना जाता है। यहां बाघों के साथ-साथ तेंदुआ, भालू जैसे कई हिंसक वन्यजीव तथा विभिन्न प्रजातियों के पक्षी और वनस्पतियां पाई जाती हैं। इस बार यह अभयारण्य एक दुर्लभ वन्यजीव की वजह से विशेष चर्चा में आया है।

शुक्रवार शाम लगभग 6 बजे, हाल ही में शुरू हुए रहाटी गेट परिक्षेत्र के बुदलागढ़ तालाब परिसर में वन विभाग की टीम को अचानक एक ब्लैक लेपर्ड (काला तेंदुआ) दिखाई दिया। इस दुर्लभ जीव के दर्शन से वन विभाग की टीम भी कुछ क्षणों के लिए हैरान रह गई। वन्यजीव विभाग के आरएफओ रुपेश खेडेकर 20 फरवरी की शाम अपनी टीम के साथ रहाटी गेट क्षेत्र के निरीक्षण पर निकले थे।

बुदलागढ़ तालाब परिसर में दिखी हलचल

निरीक्षण के दौरान बुदलागढ़ तालाब परिसर के पास कुछ हलचल दिखाई दी। ध्यानपूर्वक देखने पर स्पष्ट हुआ कि वह दुर्लभ ब्लैक लेपर्ड है। हालांकि, कुछ ही क्षणों में वह जंगल की ओर भाग गया। अधिकारियों के अनुसार यह जीव स्वभाव से काफी शांत और शर्मीला होता है तथा बहुत कम ही खुले में दिखाई देता है।

वन अधिकारियों ने संभावना जताई है कि यह ब्लैक लेपर्ड बोर अभयारण्य का ही निवासी हो सकता है। यह भी कहा जा रहा है कि बोर अभयारण्य में पहली बार ब्लैक लेपर्ड देखा गया है।

राज्य में बार-बार देखे जा रहे दुर्लभ वन्यजीव

इससे पूर्व राज्य के भंडारा जिले में ल्यूसिस्टिक कोबरा, सोलापुर में ल्यूसिस्टिक लोमड़ी तथा नासिक में ल्यूसिस्टिक उल्लू जैसे दुर्लभ वन्यजीव पाए जा चुके हैं। वर्ष 2025 में ताडोबा अंधारी टाइगर रिजर्व में भी ल्यूसिस्टिक तेंदुआ (बिल्ली परिवार का वन्यजीव) देखा गया था। वर्तमान में बोर अभयारण्य में लगभग 25 बाघ और 60 तेंदुओं का अस्तित्व बताया जाता है।

ब्लैक लेपर्ड की गतिविधियां ट्रैप कैमरे में भी कैद होने की जानकारी सामने आई है। बोर के लिए नए गेट शुरू होने से वन्यजीव प्रेमियों को विभिन्न वन्यजीवों के दर्शन का बेहतर अवसर मिल रहा है। अब वर्धा जिले में ब्लैक लेपर्ड पाए जाने से बोर अभयारण्य का महत्व और अधिक बढ़ गया है।

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