छत्रपति संभाजीनगर में नकली गुटखा फैक्ट्री का पर्दाफाश, रिहायशी मकान से 3.77 लाख का माल जब्त

Chhatrapati Sambhajinagar के पड़ेगांव में खाद्य सुरक्षा विभाग और अपराध शाखा ने एक घरेलू फैक्ट्री पर छापा मारकर नकली गुटखा बनाने के खेल का पर्दाफाश किया है। एक आरोपी गिरफ्तार, मास्टरमाइंड की तलाश जारी।
fake gutkha factory busted
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: AI)
Published on
Updated on

Fake Gutkha Factory Busted : छत्रपति संभाजीनगर शहर के पड़ेगांव इलाके में अपराध शाखा (Crime Branch) और खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक संयुक्त कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से संचालित की जा रही नकली गुटखा और सुगंधित तंबाकू की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। एक रिहायशी मकान के भीतर चल रहे इस गोरखधंधे में आधुनिक पैकिंग मशीनों के जरिए प्रतिबंधित गुटखे की पुड़ियाँ तैयार की जा रही थीं। पुलिस ने मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार कर मकान को सील कर दिया है।

गुप्त सूचना पर अपराध शाखा की दबिश

अपराध शाखा को सूचना मिली थी कि पड़ेगांव परिसर के गुट क्रमांक 82 स्थित एक मकान में अवैध गतिविधियां चल रही हैं। इस आधार पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुलक्षणा जाधव और उपनिरीक्षक जगन्नाथ मेनकुदले की टीम ने अचानक छापा मारा। जांच के दौरान घर के भीतर से गुटखा और पान मसाला पैक करने वाली मशीनें, भारी मात्रा में सुगंधित तंबाकू, नामी कंपनियों के नकली रैपर रोल और डिजिटल वजन कांटा बरामद किया गया। पुलिस ने कुल 3 लाख 77 हजार 800 रुपये का माल जब्त किया है।

आरोपी गिरफ्तार, मुख्य मास्टरमाइंड की तलाश

पुलिस ने इस मामले में शेख इरशाद (निवासी राहत नगर, जटवाड़ा रोड) को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में इरशाद ने कबूल किया कि वह अपने सहयोगी तैयब मुंबईवाला (निवासी मुंब्रा, ठाणे) के साथ मिलकर रात के अंधेरे में यह फैक्ट्री चलाता था। आरोपी तैयब ही इस पूरे रैकेट का मुख्य सूत्रधार है, जिसने इरशाद को आर्थिक मदद देकर फैक्ट्री लगाने के लिए उकसाया था। फिलहाल तैयब फरार है और छावनी पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही है।

कानपुर से गुजरात तक फैला अंतर्राज्यीय रैकेट

जांच में इस रैकेट के तार अन्य राज्यों से भी जुड़े होने का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। आरोपी कानपुर से गुटखा और पान मसाला के फर्जी रैपर मंगवाते थे। चौंकाने वाली बात यह है कि इन रैपरों पर गुजरात, बिहार और राजस्थान के पते दर्ज थे, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके। अधिकारियों को संदेह है कि तैयब ने इसी तरह की छोटी-छोटी घरेलू फैक्ट्रियां अन्य लोगों के जरिए भी शुरू करवाई होंगी। यह एक बड़ा रैकेट हो सकता है जो महाराष्ट्र के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों में भी नकली माल सप्लाई कर रहा था।

सख्त कार्रवाई और आगे की जांच

उपनिरीक्षक सचिन गाड़ेकर इस प्रकरण की गहनता से जांच कर रहे हैं। पुलिस को अंदेशा है कि तैयब मुंबई में भी नकली गुटखे का बड़ा नेटवर्क संचालित कर रहा है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसे संदिग्ध अवैध कारखानों के बारे में तुरंत सूचना दें। आरोपियों के खिलाफ छावनी पुलिस स्टेशन में विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

Navbharat Live
navbharatlive.com