ST महामंडल के कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, 100 करोड़ का फंड जारी, फरवरी की सैलरी के साथ आएगा बकाया पैसा

MSRTC Salary Hike: महाराष्ट्र सरकार ने MSRTC के 86,000 कर्मचारियों के लिए 100 करोड़ रुपये जारी किए हैं। मंत्री प्रताप सरनाईक ने कर्मचारियों से हड़ताल वापस लेने की अपील की।
Maharashtra Govt 100 Crore for ST Employees
एस बस व मंत्री प्रताप सरनाईक (सोर्स: सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Maharashtra Govt 100 Crore For ST Employees: महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) के करीब 86,000 कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर आई है। लंबे समय से वेतन वृद्धि की किश्तों का इंतज़ार कर रहे कर्मचारियों के लिए राज्य सरकार ने 100 करोड़ रुपये का फंड जारी कर दिया है। गुरुवार को परिवहन मंत्री और एमएसआरटीसी के अध्यक्ष प्रताप सरनाईक ने आधिकारिक तौर पर इसकी घोषणा की।

फरवरी के वेतन में जुड़कर आएगा पैसा

मंत्री प्रताप सरनाईक ने स्पष्ट किया कि यह बकाया राशि कर्मचारियों के फरवरी माह के वेतन के साथ सीधे उनके बैंक खातों में जमा कर दी जाएगी। इस फैसले से उन हजारों परिवारों को बड़ी राहत मिली है, जो पिछले काफी समय से भुगतान में हो रही देरी के कारण आर्थिक तंगी और नाराजगी का सामना कर रहे थे।

छात्रों के हित में हड़ताल वापस लेने की अपील

खबर यह भी है कि कर्मचारी संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर 24 फरवरी को एक बड़े प्रदर्शन की चेतावनी दी थी। इस पर मंत्री सरनाईक ने कर्मचारियों से भावुक अपील करते हुए कहा कि वर्तमान में SSC और HSC बोर्ड की परीक्षाएं चल रही हैं। अगर बस सेवाएं बाधित होती हैं, तो लाखों विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में भारी कठिनाई होगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार उनकी मांगों के प्रति गंभीर है, इसलिए उन्हें अपना प्रदर्शन वापस ले लेना चाहिए।

बाकी के 100 करोड़ जल्द होंगे जारी

कर्मचारी संगठनों ने कुल 210 करोड़ रुपये की मांग रखी थी। सरकार ने फिलहाल इसकी पहली किश्त के रूप में 100 करोड़ रुपये स्वीकृत कर दिए हैं। मंत्री ने भरोसा दिलाया है कि बाकी के 110 करोड़ रुपये भी जल्द ही जारी कर दिए जाएंगे। सरकार ने संशोधित वेतन के सुचारू भुगतान के लिए हर महीने 65 करोड़ रुपये की सब्सिडी देने का स्थायी निर्णय पहले ही ले लिया है।

प्रताप सरनाईक ने अंत में दोहराया कि सरकार कर्मचारियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी स्थिति में उनके भुगतान में कोई बाधा नहीं आने दी जाएगी।

Navbharat Live
navbharatlive.com