Maharashtra News: महाराष्ट्र बनेगा ग्लोबल गेमिंग हब, फडणवीस की कैबिनेट ने दी मंजूरी

Maharashtra Cabinet: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता वाली बैठक में महाराष्ट्र की बहुचर्चित नई एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी नीति 2025 की घोषणा की गई।
महाराष्ट्र बनेगा ग्लोबल गेमिंग हब
महाराष्ट्र बनेगा ग्लोबल गेमिंग हब (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Mumbai News: महाराष्ट्र की महायुति सरकार की महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक मंगलवार को दक्षिण मुंबई के नरीमन प्वाइंट स्थित मंत्रालय में आयोजित की गई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता वाली इस बैठक में महाराष्ट्र की बहुचर्चित नई एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी (एवीजीसी-एक्सआर) नीति 2025 की घोषणा की गई। सरकार के इस कदम को मुंबई को मनोरंजन और पर्यटन क्षेत्र की राजधानी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है। इस निर्णय से अब मीडिया, मनोरंजन और एवीजीसी-एक्सआर क्षेत्र को उद्योग और बुनियादी ढांचा क्षेत्र का दर्जा मिल गया है।

उल्लेखनीय यह है कि यह नीति वर्ष 2050 तक के लिए बनाई गई है और इसके लिए लगभग 3,268 करोड़ रुपये की योजना तैयार की गई है। इस नीति से इस बीस वर्ष की अवधि में राज्य में लगभग 50,000 करोड़ रुपए का निवेश आने की उम्मीद है। साथ ही, इस क्षेत्र से संबंधित उच्च तकनीक पर आधारित 2 लाख नए रोजगार सृजित होंगे।एवीजीसी-एक्सआर क्षेत्र को देश के मीडिया और मनोरंजन (एम एंड ई) उद्योग का एक महत्वपूर्ण घटक माना जाता है। भारत में यह क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है। मीडिया और मनोरंजन बाजार के वर्तमान 27 अरब डॉलर से बढ़कर 2030 तक 100 अरब डॉलर से ज़्यादा होने का अनुमान है। इस क्षेत्र से भारत में 30 लाख से ज़्यादा प्रत्यक्ष रोजगार और 51 लाख 50 हज़ार से ज़्यादा अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने की उम्मीद है।

विजन डॉक्यूमेंट में भी इस क्षेत्र का ज़िक्र

महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए महाराष्ट्र आर्थिक सलाहकार समिति द्वारा तैयार किए गए विजन डॉक्यूमेंट में भी एवीजीसी-एक्सआर का जिक्र किया गया था। इसी उद्देश्य से केंद्र सरकार ने हाल ही में मुंबई में वेव्स 2025 नामक एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया था। इस सम्मेलन के ज़रिए लगभग 8,000 करोड़ रुपए के एमओयू पर हस्ताक्षर भी किए गए। इस समिति की रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया था कि एवीजीसी-एक्सआर क्षेत्र कौशल विकास और नवाचार विकास के लिए महत्वपूर्ण और पूरक है। इस क्षेत्र के लिए एक अलग नीति तैयार करने की भी सिफारिश की गई थी। देश में कर्नाटक, तेलंगाना, राजस्थान, केरल और मध्य प्रदेश राज्यों में ऐसी नीतियां तैयार की जा चुकी हैं।

महाराष्ट्र में सर्वाधिक स्टूडियो

महाराष्ट्र में एवीजीसी-एक्सआर क्षेत्र में 295 से अधिक स्टूडियो हैं, जो कि भारत में सबसे अधिक है। यह देश के कुल स्टूडियो का लगभग 30 प्रतिशत है। मुंबई और पुणे में एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स और गेमिंग के लिए शैक्षणिक सुविधाएं प्रदान करने वाले 20 संस्थान हैं। महाराष्ट्र ने पहले ही सूचना प्रौद्योगिकी और सूचना प्रौद्योगिकी सक्षम सेवा नीति-2023 के तहत एवीजीसी-एक्सआर को एक उभरता हुआ क्षेत्र उद्योग घोषित किया है। इस क्षेत्र की तकनीक का उपयोग स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, विपणन, रक्षा, गेमिंग, कृषि और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों में किया जाता है।

विश्व स्तरीय सुविधाओं से लैस

इसलिए, महाराष्ट्र के पास इस क्षेत्र के लिहाज से एक वैश्विक गंतव्य बनने का एक बड़ा अवसर है। इसके लिए, इस नीति के तहत विभिन्न संस्थागत इकाइयों को प्रोत्साहित किया जाएगा। भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईसीटी) इस क्षेत्र में अग्रणी संस्थान के रूप में कार्य करेगा। ये पार्क महाराष्ट्र में फिल्म सिटी (मुंबई), नवी मुंबई, पुणे, नासिक, छत्रपति संभाजीनगर, कोल्हापुर, सतारा और नागपुर जैसे स्थानों पर विकसित किए जाएंगे तथा उच्च गति डिजिटल कनेक्टिविटी, मोशन कैप्चर स्टूडियो, पोस्ट-प्रोडक्शन लैब, उच्च-प्रदर्शन रेंडरिंग फ़ार्म, साउंड रिकॉर्डिंग सुविधाओं और वर्चुअल प्रोडक्शन स्टूडियो जैसी विश्व स्तरीय सुविधाओं से लैस होंगे।

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