- Hindi News »
- Maharashtra »
- Mumbai »
- Maharashtra Atrocity Act Arrest After Investigation Rule Change
एट्रोसिटी कानून में होगा अहम बदलाव, अब जांच के बाद ही होगी गिरफ्तारी
Maharashtra SC ST Act Update: महाराष्ट्र सरकार ने एट्रोसिटी एक्ट के लागू करने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए कहा है कि अब एफआईआर दर्ज होने के बाद तुरंत गिरफ्तारी नहीं होगी।
- Written By: आंचल लोखंडे

Maharashtra SC ST Act Update (सोर्सः सोशल मीडिया)
Maharashtra Crime Law: महाराष्ट्र सरकार ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 यानी एट्रोसिटी कानून के अमल में एक महत्वपूर्ण बदलाव करने का निर्णय लिया है। सामाजिक न्याय मंत्री और शिवसेना (शिंदे गुट) नेता संजय शिरसाट ने विधान परिषद में यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि अब इस कानून के तहत एफआईआर दर्ज होते ही तत्काल गिरफ्तारी नहीं की जाएगी। पहले एक समिति या जांच अधिकारी मामले की जांच करेगा और अपराध सिद्ध होने पर ही गिरफ्तारी की जाएगी। उनका कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी व्यक्ति के साथ अनावश्यक अन्याय न हो।
तत्काल गिरफ्तारी का प्रावधान जोड़ा गया था
देश में दलितों और आदिवासियों को जाति आधारित उत्पीड़न, भेदभाव और अपमान से सुरक्षा देने के लिए 1989 में यह कानून बनाया गया था। इसे आमतौर पर ‘एट्रोसिटी एक्ट’ कहा जाता है। इस कानून के तहत छुआछूत, गाली-गलौज, मारपीट, जमीन पर कब्जा, यौन उत्पीड़न और सामाजिक बहिष्कार जैसे अपराधों में मामला दर्ज किया जाता है। वर्ष 2015 में इसमें संशोधन कर कानून को और सख्त बनाया गया था, जिसमें तत्काल गिरफ्तारी का प्रावधान जोड़ा गया था।
सम्बंधित ख़बरें
अजीत हादसा पहुंचा हाईकोर्ट, विमान कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग
करदाताओं को ‘बड़ी’ राहत, बॉम्बे हाईकोर्ट की सरकार को फटकार
दूषित जलापूर्ति पर महायुति आक्रामक, जल केंद्र का निरीक्षण, भाजपा-शिवसेना ने नगर परिषद को दी चेतावनी
गड़चिरोली में 17 रेत घाटों की नीलामी रद्द, कम बोली के चलते जिलाधिकारी का बड़ा फैसला
कितने मामले और कितनी सजा
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के अनुसार देशभर में हर साल एट्रोसिटी कानून के तहत औसतन 50,000 से अधिक मामले दर्ज होते हैं। उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र इन मामलों में आगे हैं। महाराष्ट्र में हर साल लगभग 2,500 से 3,000 मामले दर्ज होते हैं, जबकि मुंबई में औसतन 150 से 200 मामले सामने आते हैं। देशभर में इस कानून के तहत सजा की दर करीब 25 से 30 प्रतिशत के बीच है और बड़ी संख्या में मामले अदालतों में वर्षों तक लंबित रहते हैं।
पहले क्या था प्रावधान
मंत्री संजय शिरसाट ने बताया कि पहले इस कानून के कुछ मामलों में बड़े पैमाने पर दुरुपयोग की शिकायतें सामने आई थीं। पुराने नियम के अनुसार एफआईआर दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार करना अनिवार्य था, जिसके कारण कई बार निर्दोष लोगों को भी जेल जाना पड़ता था।
नई व्यवस्था में प्रक्रिया
नई व्यवस्था के तहत एफआईआर दर्ज होगी, लेकिन तुरंत गिरफ्तारी नहीं होगी। जांच अधिकारी पहले मामले की पूरी जांच करेगा। यदि जांच में मामला झूठा या निराधार पाया जाता है तो धारा 169 के तहत समरी रिपोर्ट अदालत में पेश की जाएगी और मामला समाप्त किया जा सकता है। अपराध सिद्ध होने पर ही गिरफ्तारी की जाएगी।
ये भी पढ़े: प्रोपेन-ब्यूटेन आपूर्ति बंद: संभाजीनगर के उद्योगों पर संकट के बादल, रोजगार पर भी पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों की राय
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव एक संतुलित कदम हो सकता है। इससे एक ओर निर्दोष लोगों को झूठे मामलों से राहत मिल सकती है, वहीं दूसरी ओर यह भी जरूरी है कि वास्तविक पीड़ितों को न्याय मिलने में देरी न हो।
कुछ दलित अधिकार संगठनों ने इस बदलाव पर चिंता भी जताई है और कहा है कि इससे पीड़ितों का मनोबल प्रभावित हो सकता है। सरकार का कहना है कि कानून का उद्देश्य पीड़ितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है और साथ ही दुरुपयोग को रोकना भी जरूरी है।
Maharashtra atrocity act arrest after investigation rule change
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
बंगाल चुनाव में बाजी मारेगी भाजपा? ममता को मात देने का ‘मास्टरप्लान’ तैयार, केरलम में भी काम करेगी यही रणनीति!
Mar 14, 2026 | 07:13 PMमिडिल ईस्ट में शांति की पहल: फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों का बड़ा ऐलान, बोले- इजरायल-लेबनान में कराएंगे समझौता
Mar 14, 2026 | 07:06 PMपाकिस्तानियों को नहीं पच रही जसप्रीत बुमराह की कामयाबी, संदिग्ध एक्शन वाले उस्मान तारिक से कर रहे तुलना- VIDEO
Mar 14, 2026 | 06:53 PMअजीत हादसा पहुंचा हाईकोर्ट, विमान कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग
Mar 14, 2026 | 06:48 PMइजरायल के पीएम नेतन्याहू की मौत? सोशल मीडिया पर इस वायरल VIDEO ने मचाया तहलका, जानें क्या है सच्चाई
Mar 14, 2026 | 06:45 PMभंडारा: धरती आबा अभियान से चमकेगी आदिवासियों की किस्मत, मछली पालन के लिए सरकार देगी 90 प्रतिशत तक सब्सिडी
Mar 14, 2026 | 06:34 PMये चैरिटी मैच नहीं है…लिटन दास ने सलमान आगा की बोलती की बंद, रनआउट पर ‘खेल भावना’ के रोने का दिया करारा जवाब
Mar 14, 2026 | 06:23 PMवीडियो गैलरी

‘गैस की कमी नहीं’ या ‘लाइनों में लाठीचार्ज’? हरदीप पुरी के दावे और विपक्ष के तीखे वार से सुलगी सियासत
Mar 14, 2026 | 02:01 PM
तरुण हत्याकांड से दहला दिल्ली: VHP-बजरंग दल का ‘प्रचंड’ प्रदर्शन, विनोद बंसल की पुलिस को दो टूक चेतावनी
Mar 14, 2026 | 01:44 PM
ट्रेन में मां-बेटी का हाई वोल्टेज ड्रामा! सीट के लिए यात्री को पीटा, फिर स्टेशन पर परिवार बुलाकर रुकवाई ट्रेन
Mar 13, 2026 | 09:48 PM
पेट्रोलियम मंत्री पर राहुल गांधी के संगीन आरोप, एपस्टीन फाइल और जॉर्ज सोरोस का जिक्र कर सरकार को घेरा- VIDEO
Mar 13, 2026 | 09:28 PM
हैदराबाद में पोस्टर पॉलिटिक्स, माधवी लता ने फाड़े ओवैसी की इफ्तार पार्टी के बैनर; शुरू हुआ घमासान- VIDEO
Mar 13, 2026 | 09:22 PM
जंग के बीच क्यों चर्चा में है ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’? जानें दुनिया की इस लाइफलाइन का पूरा इतिहास- VIDEO
Mar 13, 2026 | 09:16 PM












