

Nagpur MLC Election Liquor Ban: नागपुर विधान परिषद में स्थानीय निकाय से चुने जाने वाले विधायक को लेकर 18 जून को होने वाले चुनाव के मद्देनजर शराब बंदी को लेकर हाई कोर्ट ने अहम फैसला जारी किया है। न्यायाधीश अनिल किलोर और न्यायाधीश राज वाकोडे ने जिलाधिकारी द्वारा चुनाव के दौरान लंबे समय तक शराब की दुकानें बंद रखने का आदेश निरस्त कर दिया है।
नए अदालती आदेश के अनुसार अब नागपुर जिले में भी शराब की दुकानें केवल मतदान के दिन यानी 18 जून को सुबह 8 से दोपहर 4 बजे तक ही बंद रहेंगी। उल्लेखनीय है कि अलग-अलग जिलों के जिलाधिकारी द्वारा जारी किए गए इस तरह के आदेश को चुनौती हुए संबंधित जिलों के दुकानदार संगठनों और निजी लाइसेंस धारकों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की।
याचिकाकर्ताओं द्वारा हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान एक महत्वपूर्ण तर्क प्रस्तुत किया गया, बहस के दौरान न्यायालय को अवगत कराया गया कि इस विधान परिषद चुनाव में महज 900 के आसपास ही मतदाता है और वे भी पूरे जिले भर में छिटपुट रूप से मौजूद हैं।
न्यायालय के समक्ष यह दलील दी गई कि इतने कम मतदाताओं वाले चुनाव के लिए पूरे जिले की शराब दुकानों को इतने दिनों तक बंद रखना पूरी तरह से अनुचित है। दोनों पक्षों की दलीले विस्तार से सुनने के बाद हाई कोर्ट ने जिलाधिकारी के 11 जून के आदेश को पलट दिया।
उल्लेखनीय है कि 11 जून को जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद के अलावा अन्य जिलों के जिलाधिकारियों ने चुनाव को देखते हुए एक कड़ा आदेश जारी किया था। इस आदेश में निर्देश दिए गए थे कि मतदान से 48 घंटे पहले यानी 16 जून की दोपहर 4 से लेकर 18 जून को मतदान प्रक्रिया पूरी होने तक समूचे जिले की शराब दुकाने बंद रहेगी। इसके साथ ही, 22 जून को मतगणना के दिन भी मतगणना समाप्त होने तक शराब बिक्री पर पूर्ण रोक लगाने का आदेश दिया गया था।