

Sudeep Dhimar Canoe Silver Medal: खंडवा जिले की धार्मिक नगरी सिंगाजी के एक साधारण मछुआरा परिवार ने मेहनत, लगन और संघर्ष के दम पर सपनों को साकार करने की मिसाल पेश की है। आर्थिक अभावों के बीच जीवनयापन करने वाले इस परिवार के तीनों बच्चे खेल जगत में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। दो बेटियों के बाद अब परिवार के सबसे छोटे सदस्य सुदीप ढीमर ने भी राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन किया है।
रायपुर में आयोजित राष्ट्रीय कैनो प्रतियोगिता में 14 वर्षीय सुदीप ढीमर ने जूनियर बॉयज सी-4 वर्ग की 500 मीटर और 200 मीटर स्पर्धाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए दो रजत पदक अपने नाम किए। उनकी इस उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ पूरे जिले में खुशी का माहौल है।
सुदीप का परिवार सालों से बैक वाटर क्षेत्र में नाव चलाकर और मछली पकड़कर अपना जीवनयापन करता है। परिवार के मुखिया रणछोड़ ढीमर और उनकी पत्नी धनुबाई ढीमर ने कठिन आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद अपने बच्चों के सपनों को कभी टूटने नहीं दिया। सीमित संसाधनों के बीच उन्होंने बच्चों को खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
सुदीप की बड़ी बहन कावेरी ढीमर पहले ही कैनो खेल में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी हैं। उन्होंने 50 से अधिक राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पदक हासिल किए हैं। उनकी प्रतिभा और उपलब्धियों के दम पर उन्हें भारतीय नौसेना में अधिकारी के रूप में सेवा करने का अवसर मिला। वहीं दूसरी बहन दीपिका ढीमर भी खेल जगत में अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। दीपिका राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगभग एक दर्जन पदक जीतकर जिले और प्रदेश का गौरव बढ़ा चुकी हैं।
अब सुदीप ने भी अपनी दोनों बहनों के पदचिह्नों पर चलते हुए राष्ट्रीय स्तर पर कैनो खेल में दो सिल्वर मेडल जीतकर यह साबित कर दिया है कि सफलता केवल संसाधनों से नहीं, बल्कि मेहनत और संकल्प से हासिल की जाती है। कभी परिवार के साथ नाव चलाकर मछली पकड़ने वाला यह बालक आज खेल के मैदान में नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है।
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सुदीप की इस सफलता पर खेल प्रेमियों, सामाजिक संगठनों और जिलेवासियों ने उसे बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। ढीमर परिवार की यह कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है, जो विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को साकार करने का हौसला रखते हैं।