मुंबई में BIS की बड़ी कार्रवाई, भांडुप में नकली हॉलमार्क ज्वैलरी जब्त

मुंबई में BIS ने भांडुप और कल्याण में ज्वैलर्स पर छापे मारकर नकली व बिना हॉलमार्क वाले सोने के आभूषण जब्त किए। दुकानों पर हॉलमार्क के दुरुपयोग का खुलासा हुआ। कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जा रही है।
BIS Raid
बीआईएस रेड (सौ. सोशल मीडिया )
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BIS Raid In Mumbai: भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने स्वर्ण आभूषण ग्राहकों को हॉलमार्क युक्त शुद्ध गोल्ड ज्वैलरी उपलब्ध कराने की अपनी मुहिम तेज करते हुए मुंबई के भांडुप इलाके में एक ज्वैलर्स पर छापा मारकर नकली गोल्ड ज्वैलरी जब्त की है, जो अपनी दुकान पर 100% हॉलमार्क गोल्ड ज्वैलरी के नाम पर ग्राहकों को धडल्ले से इमिटेशन ज्वैलरी यानी नकली सोने के आभूषण बेच कर चूना लगा रहा था।

यह सूचना मिलने पर बीआईएस की टीम ने शुक्रवार को भांडुप पश्चिम में भट्टी पाड़ा रोड स्थित श्री महावीर ज्वैलर्स पर छापा मारा। छापे के दौरान पता चला कि श्री महावीर ज्वैलर्स की दुकान के प्रवेश पर बीआईएस लोगो और "बीआईएस 100% हॉलमाक्ड ज्वैलरी लिखे हुए नाम-पट्ट का प्रदर्शन किया गया था, जो बीआईएस की अनुमति के बिना उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाला है।

जबकि यह दुकान बीआईएस में पंजीकृत ज्वैलर नहीं है, परिसर से प्राप्त दस्तावेजी रिकॉर्ड (बिल बुक, इनवॉइस, रजिस्टर) पूर्व में सोने के आभूषणों की बिक्री को दर्शाते हैं, जिनमें शुद्धता और हॉलमार्किंग का उल्लेख शामिल है।

सर्च के समय दुकान परिसर में कोई सोने का आभूषण उपलब्ध नहीं था। दुकान में केवल नकली गोल्ड (इमिटेशन) ज्वैलरी प्रदर्शित थी। जबकि प्राप्त दस्तावेज स्पष्ट रूप से सोने के आभूषणों की पूर्व बिक्री को दशति हैं। सभी बिल बुक, इनवॉइस और रजिस्टर बीआईएस अधिनियम, 2016 की धारा 28 के अंतर्गत दस्तावेजी साक्ष्य के रूप में जब्त और सील किए गए हैं।

बिना हॉलमार्क बिक्री पर भी एक्शन

  • इससे पहले बीआईएस ने गुरुवार को कल्याण में शिवाजी चौक स्थित एलही सुकेनकर नामक ज्वैलर्स पर बिना बीआईएस हॉलमार्क वाली गोल्ड ज्वैलरी बेचने पर छापा मारा था। छापेमारी के दौरान पाया गया कि दुकान में बिना बीआईएस हॉलमार्क वाले स्वर्ण आभूषण बिक्री हेतु प्रदर्शित किए गए थे, साथ ही एक आभूषण पर नकली हॉलमार्क अंकित पाया गया, जो अपूर्ण था तथा बीआईएस हॉलमार्किंग नियमों के अनुरूप नहीं था।
  • यहां कुल 32.88 ग्राम के ऐसे स्वर्ण आभूषणों को बीआईएस अधिनियम, 2016 की धारा 15 (3) और धारा 17(1)(a) के उल्लंघन के कारण जब्त किया गया।
  • दोनों मामले बीआईएस अधिनियम, 2016 की धारा 29 के अंतर्गत दंडनीय है, जिसके तहत दो वर्ष तक के कारावास अथवा न्यूनतम 2 लाख रुपये के आर्थिक दंड, अथवा दोनों का प्रावधान है। दौनों मामलों में न्यायालय में शिकायत दायर करने की प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है।

बीआईएस की ग्राहकों से अपील

बीआईएस के मुंबई शाखा प्रमुख पिनाकी गुप्ता ने ग्राहकों से अपील कि है कि वे 'BIS CARE' मोबाइल एप का उपयोग करके यह सुनिश्चित करें कि उत्पाद बीआईएस अनिवार्य प्रमाणन के अंतर्गत है या नहीं। यदि किसी ग्राहक को अनिवार्य उत्पादों के बिना बीआईएस प्रमाणन की बिक्री अथवा आईएसआई मार्क वा हॉलमार्क के दुरुपयोग की कोई घटना ज्ञात होती है, तो वे मोबाइल एप के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

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