Mumbai Crime Branch को मिली बड़ी सफलता, नकली BARC वैज्ञानिक को किया गिरफ्तार

Mumbai Crime Branch ने नकली BARC वैज्ञानिक अख्तर हुसैन को गिरफ्तार किया है। इस नकली वैज्ञानिक के पास से 14 संवेदनशील परमाणु नक्शे और फर्जी दस्तावेज भी बरादम हुए हैं।
Mumbai Crime Branch ने नकली BARC वैज्ञानिक अख्तर हुसैन को गिरफ्तार किया है। जिसके पास से 14 संवेदनशील परमाणु नक्शे और फर्जी दस्तावेज भी बरादम हुए हैं, जो कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा साबित हो सकता है।
मुंबई क्राइम ब्रांच (सौ. सोशल मीडिया )
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Mumbai News In Hindi: मुंबई क्राइम ब्रांच ने एनआईए और आईबी की मदद से एक संवेदनशील मामले में कार्रवाई करते हुए अख्तर हुसैन कुतुबुद्दीन अहमद को गिरफ्तार किया है। अहमद खुद को भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) का वैज्ञानिक बताता था।

वर्सोवा स्थित उसके आवास की तलाशी में 14 अति संवेदनशील नक्शे बरामद किए गए, जिनका संबंध कथित तौर पर परमाणु बम डिजाइनों से है। इसके अलावा कई फर्जी दस्तावेज जैसे पासपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, मोबाइल फोन और पेन ड्राइव भी जब्त किए गए।

जाँच में पता चला कि अख्तर के पास एक जाली BARC पहचान पत्र भी था, जिसमें उसकी तस्वीर लगी थी। साथ ही, बैंक से जुड़े नक्शों की जानकारी एक दुकान से छपी हुई मिली, जिससे गोपनीय जानकारी के स्रोत और इसके प्रसार को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई है।

इस मामले में तकनीकी विशेषज्ञों को बुलाकर जब्त सामग्री की प्रमाणिकता जाँचने के प्रयास किए जा रहे हैं। डिजिटल उपकरणों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, जबकि अख्तर की पत्नी और बेटे से भी पूछताछ जारी है। अधिकारियों के अनुसार, यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरे का संकेत है।

चिंताजनक पृष्टभूमि

अख्तर की गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि भी चिंताजनक है। वह 2004 में दुबई से प्रत्यर्पित किया गया था, जब उस पर अरब राजनयिकों को संवेदनशील परमाणु जानकारी बेचने का प्रयास करने का आरोप लगा। इसके अलावा, वह मेरठ में सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने और शासकीय गोपनीयता अधिनियम के उल्लंघन के मामलों में जमानत पर है।

इस पूरे मामले में कई केंद्रीय एजेंसियां संयुक्त रूप से जांच कर रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में नागरिकों को सतर्क रहना चाहिए और संवेदनशील या संदिग्ध जानकारी साझा करने से बचना चाहिए।

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