भंडारा: पांच दिवसीय कार्य सप्ताह बेअसर: बायोमेट्रिक हाजिरी के बाद कर्मचारी नदारद, नागरिक सेवाएं ठप

Bhandara News: भंडारा में 5-दिवसीय कार्य सप्ताह के बावजूद कर्मचारी समय का पालन नहीं कर रहे। बायोमेट्रिक हाजिरी लगाकर गायब होने और अप-डाउन के कारण नागरिक सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
Despite the 5-day week, govt employees in Bhandara are flouting office timings. Issues like biometric misuse and commuting from Nagpur/Gondia are causing major delays in public services.
प्रतीकात्मक तस्वीर फोटो-सोशल मीडिया)
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Bhandara Government Offices News: राज्य सरकार ने नागरिकों के कार्य समय पर पूरे हों, इस उद्देश्य से कार्यालयीन समय में बदलाव करते हुए कार्य सप्ताह को पांच दिनों का कर दिया। इसके तहत कार्यालयों का समय सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक निर्धारित किया गया तथा भोजनावकाश आधे घंटे का रखा गया। बावजूद इसके कई विभागों में अधिकारी-कर्मचारी केवल सुबह आकर बायोमेट्रिक हाजिरी लगाते हैं और उसके बाद कार्यालय से गायब हो जाते हैं, जिससे नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

क्षेत्रीय दौरे पर रहने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को छोड़ दिया जाए, तो शेष कार्यालयीन कर्मचारी बिना किसी सूचना के कार्यालय छोड़ देते हैं और निर्धारित आवागमन रजिस्टर में भी कोई प्रविष्टि नहीं करते। परिणामस्वरूप शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले नागरिकों को आवश्यक सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं।

कार्य समय बढ़ा

सरकार ने नागरिकों की सुविधा के लिए कार्य समय बढ़ाकर सुबह 10 से शाम 6 बजे तक किया, लेकिन आधे घंटे के भोजनावकाश के बावजूद कई कर्मचारी एक घंटे तक कार्यालय से अनुपस्थित रहते हैं। छह दिवसीय कार्य सप्ताह को पांच दिन का किए जाने के बाद भी कर्मचारियों में सप्ताहांत पर गांव जाने की होड़ लगी रहती है। नागरिकों का आरोप है कि कई कर्मचारी शुक्रवार दोपहर में ही कार्यालय छोड़ देते हैं। जिला परिषद और जिलाधिकारी कार्यालय के कई विभागों में

सरकारी कर्मचारी केवल औपचारिकता निभा रहे

नागरिकों का कहना है कि कई अधिकारी-कर्मचारी केवल औपचारिक उपस्थिति दर्ज कराने के लिए कार्यालय आते हैं। लेट लतीफ कर्मचारियों में राजस्व विभाग, जिला परिषद, पंचायत समिति तथा कृषि विभाग के कर्मचारी शामिल हैं। इतना ही नहीं, जिला परिषद के अंतर्गत आने वाले विद्यालयों में कार्यरत कई शिक्षक भी समय पर स्कूल नहीं पहुंचते, जिससे विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। नागरिकों का सवाल है कि अपने कर्तव्यों की अनदेखी करने वाले ऐसे कर्मचारियों पर कार्रवाई कौन करेगा।

जिले के अनेक सरकारी कर्मचारी नागपुर, गोंदिया सहित अन्य स्थानों से प्रतिदिन आवागमन करते हैं। ऐसे में वे रेलवे ट्रेनों और बस की समय-सारिणी के अनुसार कार्यालय आते-जाते हैं। अनेक कर्मचारी नागपुर से आते है वे बस की समय सारणी के हिसाब से काम करते हैं। गोंदिया के कर्मचारी ट्रेन के अनुरूप चलते है। लेकिन इस पर विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।

आवागमन रजिस्टर पर जम रही धूल

सरकारी कार्यालयों में क्षेत्रीय दौरे पर जाने वाले कर्मचारियों को छोड़कर अन्य सभी अधिकारी-कर्मचारियों के लिए कार्यालय से बाहर जाते समय आवागमन रजिस्टर में प्रविष्टि करना अनिवार्य है। इसके बावजूद अधिकांश कर्मचारी इस नियम का पालन नहीं कर रहे है, जिससे यह रजिस्टर मात्र औपचारिकता बनकर धूल फांकता नजर आ रहा है।

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