218 KG नकली पनीर नष्ट (pic credit; social media)
Maharashtra News: त्योहारों के मौसम में खाद्य पदार्थों की मांग तेजी से बढ़ जाती है। खासकर मिठाई, खोया, पनीर, दूध, फरसाण, आटा-बेसन, रवा, सूखे मेवे जैसे सामान की खपत सबसे ज्यादा होती है। इसी दौरान मिलावट और घटिया क्वालिटी का सामान बेचे जाने का खतरा भी बढ़ जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने गणेशोत्सव से पहले ‘सण महाराष्ट्र, संकल्प अन्न सुरक्षा’ नामक विशेष अभियान शुरू किया है। यह अभियान 11 अगस्त से शुरू होकर 25 अक्टूबर तक चलेगा।
एफडीए की इस कार्रवाई के तहत अब तक 42 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया और 55 खाद्य नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया। जांच के दौरान 218 किलो नकली पनीर (पनीर एनालॉग) और 478 लीटर दूध नष्ट किया गया है।
25 अगस्त को एफडीए और मुंबई पुलिस ने एंटॉप हिल इलाके में छापा मारकर बिना लेबल वाला नकली पनीर पकड़ा। यह पनीर देखने में तो बिल्कुल असली जैसा था, लेकिन वह ‘एनालॉग पनीर’ निकला, जिसे बेचना गैरकानूनी है। मौके से 54,625 रुपये मूल्य का 218 किलो पनीर नष्ट किया गया। इसी तरह 19 अगस्त को दहिसर पूर्व में छापेमारी कर विभिन्न कंपनियों का 478 लीटर दूध जब्त किया गया, जिसकी कीमत 29,277 रुपये आंकी गई।
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एफडीए अधिकारियों ने साफ किया है कि सभी नमूनों को जांच के लिए लैब में भेजा गया है और रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि मिठाई या खाद्य पदार्थ खरीदते समय पैकेज पर निर्माण तिथि, एक्सपायरी डेट, एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर और कंपनी का विवरण जरूर देखें। यदि कोई जानकारी न हो तो ऐसे उत्पाद खरीदने से बचें। मिठाई खरीदने के बाद उसे जल्दी से जल्दी खा लें और हमेशा ताजा व स्वास्थ्यवर्धक विकल्प को प्राथमिकता दें।
संयुक्त आयुक्त (खाद्य) संगेश माने ने कहा कि यदि किसी भी खाद्य उत्पाद की गुणवत्ता या मिलावट को लेकर शिकायत हो तो नागरिक तुरंत एफडीए के टोल-फ्री नंबर 1800-222-365 पर संपर्क कर सकते हैं।