चंद्रशेखर बावनकुले ने लिया एक्शन (सौजन्य-नवभारत)
Chandrashekhar Bawankule: जमीन की खरीदी-बिक्री का व्यवहार सुलभता से हो पाए इसके लिए राजस्व, पंजीयन व मुद्रांक विभाग अंतर्गत तहसील स्तर पर दुय्यम निबंधाक कार्यालय की सुविधाओं को अधिक पारदर्शी करने का निर्देश राजस्व मंत्री व जिला पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कई बार दिया है।
निर्देशों का पालन हो रहा है या नहीं इसकी जांच के लिए वे अचानक ही सावनेर स्थित दुय्यम निबंधक श्रेणी-1 कार्यालय पहुंच गए। अचानक मंत्री को आया देख कार्यालय में हड़कंप मच गया। कार्यालय में केवल कॉन्ट्रैक्ट पर कार्य करने वाला एक व्यक्ति ही उपस्थित था। 2 अधिकारी नदारद थे। बिना आइडेंटिटी कार्ड वाले व्यक्ति को कार्य करते देख वे भड़क उठे।
उन्होंने तत्काल राज्य के पंजीयन महानिरीक्षक व मुद्रांक नियंत्रक रवीन्द्र बिनवडे को फोन लगाया और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया। उसके बाद तो पूरे विभाग में अफरातफरी मच गई। इस दौरान उनके साथ विधायक आशीष देशमुख, जिलाध्यक्ष मनोहर कुंभारे और जिलाधिकारी विपिन इटनकर भी थे।
बावनकुले ने कार्यालय के हाजिरी रजिस्टर व अन्य दस्तावेजों की जांच की। पाया गया कि अगस्त महीने के हाजिरी रजिस्टर में कर्मचारियों के नाम के सामने हस्ताक्षर ही नहीं थे। जिन व्यक्तियों का कार्यालय से कोई संबंध नहीं ऐसे अनधिकृत लोग कार्यालय में बिंदास घूमते पाए गए। उन्होंने तत्काल उपविभागीय पुलिस अधिकारी सागर खर्डे को नियमानुसार कार्रवाई का निर्देश दिया।
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पालक मंत्री ने कार्यालय में संबंधित कार्य करवाने आए कुछ नागरिकों से संवाद साधा तो उन्होंने उसी समय दुय्यम निबंधक के कामकाज के संदर्भ में शिकायतों का पुलिंदा ही रख दिया। मंत्री ने नागरिकों को आश्वस्त किया कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करेंगे। जानकारी दी गई कि उक्त कार्यालय में 4 पद मंजूर हैं जिनमें चपरासी का पद रिक्त है। एक लिपिक पद मंजूर है और दुय्यम निबंधक एसएस जाधव छुट्टी पर हैं। उन्होंने अपने पद का कार्यभार लिपिक को दिया है। एक कम्प्यूटर ऑपरेटर ठेका तत्व पर कार्यरत है।