मराठा आरक्षण पर बढ़ा सियासी संग्राम, लक्ष्मण हाके की चेतावनी- जरांगे की मांग मानी तो ओबीसी भी...

Mumbai News: ओबीसी नेता लक्ष्मण हाके ने कहा, "अगर मराठा समाज को ओबीसी कोटे से आरक्षण देने की कोशिश की गई, तो हमारा समाज भी सड़कों पर उतर आएगा।"
ओबीसी नेता लक्ष्मण हाके (pic credit; social media)
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Maharashtra News: महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण को लेकर एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। मुंबई के आजाद मैदान में मनोज जरांगे अपने हजारों समर्थकों के साथ आरक्षण की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। इसी बीच ओबीसी समाज के नेता लक्ष्मण हाके ने सरकार को कड़ी चेतावनी दी है। उनका कहना है कि यदि जरांगे की मांगें मानी जाती हैं, तो ओबीसी समाज भी राज्यव्यापी आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा।

लक्ष्मण हाके ने साफ शब्दों में कहा, “अगर मराठा समाज को ओबीसी कोटे से आरक्षण देने की कोशिश की गई तो हमारा समाज भी सड़कों पर उतर आएगा।” उन्होंने मनोज जरांगे के मोर्चे को “गैरकानूनी और असंवैधानिक” करार दिया और सवाल उठाया कि मराठा समाज अभी तक खुद को पिछड़ा वर्ग साबित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट या पिछड़ा वर्ग आयोग के सामने कोई ठोस सबूत क्यों नहीं पेश कर पाया।

हाके ने यह भी आरोप लगाया कि लगभग सभी राजनीतिक दलों के सांसद, विधायक और नेता जरांगे के समर्थन में खड़े हैं। इससे ओबीसी समाज में यह संदेश जा रहा है कि उनका आरक्षण छीनने की कोशिश हो रही है। उन्होंने दावा किया कि यदि मराठा समाज को आरक्षण दिया गया तो ओबीसी समाज के 60 प्रतिशत लोग सड़कों पर उतरेंगे और आंदोलन इतना बड़ा होगा कि पूरा महाराष्ट्र ठप हो जाएगा।

ओबीसी नेता ने कहा कि यह समय जाति के नाम पर लड़ाई का नहीं है, बल्कि एकजुट होकर विकास पर ध्यान देने का है। इसके बावजूद यदि सरकार ने ओबीसी समाज के अधिकारों से समझौता किया तो आंदोलन अपरिहार्य होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ी तो वे मुख्यमंत्री, सांसद और विधायकों से सीधे सवाल पूछने के लिए भी तैयार हैं।

इस पूरे विवाद ने महाराष्ट्र की राजनीति को फिर गरमा दिया है। एक तरफ मराठा समाज आरक्षण की मांग पर अड़ा है, तो दूसरी ओर ओबीसी नेता इसके खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं। अब देखना होगा कि सरकार इस टकराव को किस तरह संभालती है।

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