व्लादिमीर पुतिन, फोटो (सो.सोशल मीडिया)
SCO Meeting: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि 31 अगस्त से चीन के तियानजिन में होने वाला शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन संगठन में नई ऊर्जा और मजबूती भरेगा। बीजिंग में चीन के स्वतंत्रता दिवस समारोह और एससीओ सम्मेलन में शामिल होने से पहले दिए गए एक लिखित साक्षात्कार में पुतिन ने कहा कि यह बैठक वर्तमान वैश्विक चुनौतियों और खतरों का सामना करने में एससीओ की क्षमता को और मजबूत करेगी तथा यूरेशियाई क्षेत्र में सहयोग और एकजुटता को बढ़ाएगी।
पुतिन ने आगे कहा कि यह प्रक्रिया एक अधिक संतुलित और न्यायसंगत बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था के निर्माण में सहायक होगी। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि एससीओ की ताकत इसके सीधे लेकिन प्रभावशाली सिद्धांतों में छिपी है। इनमें संस्थापक विचारधारा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता, समान भागीदारी के लिए खुला दृष्टिकोण, किसी तीसरे देश को निशाना न बनाना और हर राष्ट्र की पहचान व विशिष्टताओं का सम्मान शामिल है।
उनके अनुसार, इन मूल्यों को अपनाकर एससीओ दुनिया में एक न्यायपूर्ण और बहुध्रुवीय व्यवस्था बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है, जो अंतरराष्ट्रीय कानून पर आधारित है और जिसमें संयुक्त राष्ट्र की केंद्रीय भूमिका बनी रहती है। पुतिन ने यह भी कहा कि इस दृष्टिकोण का मुख्य हिस्सा यूरेशिया में साझा और अभेद्य सुरक्षा ढांचा तैयार करना है, जिसके लिए सदस्य देशों के बीच गहन सहयोग और तालमेल ज़रूरी है।
सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, पुतिन ने भरोसा जताया कि तियानजिन में होने वाला एससीओ शिखर सम्मेलन के इतिहास में एक अहम पड़ाव साबित होगा। उन्होंने कहा कि रूस, चीन की अध्यक्षता में तय की गई प्राथमिकताओं का पूरा समर्थन करता है, जिनका मकसद संगठन को और मजबूत बनाना, सदस्य देशों के बीच हर क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना और वैश्विक मंच पर एससीओ की भूमिका को सशक्त करना है।
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पुतिन ने यह भी कहा कि मुझे यकीन है कि हमारे साझा प्रयासों से हम एससीओ को नई ऊर्जा देंगे और इसे समय की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक बनाएंगे। गौरतलब है कि 2024-2025 के दौरान चीन एससीओ की अध्यक्षता करेगा और 31 अगस्त से 1 सितंबर 2025 तक तियानजिन में शिखर सम्मेलन आयोजित होगा।
(एजेंसी इनपुट के साथ)