अजित पवार, प्याज फसल (pic cfredit; social media)
Maharashtra News: महाराष्ट्र की राजनीति में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को संगमनेर में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुट के विधायक अमोल खताल पर हमले की कोशिश हुई थी, और अब शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री अजित पवार को निशाना बनाने की कोशिश की गई। अहिल्यानगर जिले के श्रीगोंदा में आयोजित किसान सभा के दौरान किसी ने मंच की ओर प्याज की माला फेंकी, जो सीधे अजित पवार की ओर थी। हालांकि पुलिस ने तुरंत स्थिति संभाल ली और इस मामले में दो लोगों को हिरासत में लिया गया है। उनसे पूछताछ जारी है।
श्रीगोंदा की इस सभा का राजनीतिक महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि हाल ही में अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) में कई बड़े स्थानीय नेता शामिल हुए हैं। पूर्व विधायक राहुल जगताप, शिवाजी नागवडे और घनश्याम शेलार ने सार्वजनिक रूप से पवार के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए पार्टी में प्रवेश किया। माना जा रहा है कि इसी बदले समीकरण को लेकर इलाके का राजनीतिक माहौल और ज्यादा गरमा गया है।
इसके पहले राहुरी में भी पूर्व विधायक अरुण तनपुरे ने अजित पवार की उपस्थिति में कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया था। उस दौरान तनपुरे परिवार ने पवार के साथ अपने वाडे में भोजन भी किया था, जिससे अटकलें लगाई जा रही थीं कि पूर्व मंत्री प्राजक्त तनपुरे और उनके पिता प्रसाद तनपुरे भी जल्द ही अजित पवार की एनसीपी में शामिल हो सकते हैं। हालांकि बाद में इन अटकलों पर विराम लग गया।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि हाल के दिनों में अजित पवार को लगातार मिल रहे स्थानीय नेताओं के समर्थन से विरोधियों में असहजता बढ़ी है। किसान सभा में प्याज की माला फेंकने की घटना को इसी असंतोष से जोड़कर देखा जा रहा है।
फिलहाल, पुलिस ने स्थिति नियंत्रण में कर ली है और गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। लेकिन घटनाओं की इस श्रृंखला ने यह साफ कर दिया है कि आगामी दिनों में अहिल्यानगर और आसपास के इलाकों का राजनीतिक तापमान और बढ़ सकता है।