RTO फ्लाईओवर से 40 मिनट की दूरी सिमटेगी 15 में, नागपुर मेडिकल हब तक पहुंचा होगा आसान

Nagpur City News: नागपुर का आरटीओ फ्लाईओवर जल्द खुलने वाला है। रामदासपेठ और धंतोली जैसे मेडिकल हब तक पहुंच अब आसान होगी। 40 मिनट की दूरी अब 15 मिनट में तय होगी।
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निर्माणाधीन फ्लाईओवर (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nagpur RTO Flyover News: नागपुर में आरटीओ फ्लाईओवर के खुलने का सभी ओर बेसब्री से इंतजार हो रहा है। लैंडिंग पॉइंट इतना बेहतर है कि शहर के हर कोने से आसानी से पहुंचा जा सकता है। इस फ्लाईओवर का लाभ मरीजों को भी बड़े पैमाने पर होने जा रहा है। अमरावती मार्ग से सिटी के ‘मेडिकल हब’ के रूप में उभरे रामदासपेठ, धंतोली तक पहुंचना काफी आसान हो जाएगा।

भोले पेट्रोल पंप पहुंचकर कोई भी अपने निकटतम डॉक्टर के पास सहजता से पहुंच सकता है। पहले जो टाइम 30-40 मिनट लग जाता है था वह दूरी अब महज 10-15 मिनट में सिमट जाएगी, इसलिए लोगों को लग रहा है कि इस फ्लाईओवर को बनने में और विलंब नहीं होना चाहिए।

हर सेक्टर के लिए यह मार्ग काफी महत्वपूर्ण होने जा रहा है। जब ऊपर से वाहन गुजरने लगेंगे तो नीचे का भाग भी खुला-खुला हो जाएगा और स्थानीय लोगों की झंझटें भी खत्म हो जाएंगी।

हर हाल में 31 तक पूरा करने का प्रयास

सीपीडब्ल्यूडी कार्यकारी अभियंता संजीव जगताप ने कहा कि फ्लाईओवर के महत्व को देखते हुए ही इसे समय पर पूर्ण करने का प्रयास किया जा रहा है। यह अलग बात है कि पूर्व में पेड़ ट्रांसप्लांट करने या मंजूरियां मिलने में विलंब हुआ है जिसके कारण प्रोजेक्ट के डेट को आगे बढ़ाना पड़ा है। परंतु अब ऐसी स्थिति नहीं है।

शुक्रवार को भी एक बड़े पेड़ का ट्रांसप्लांट कर दिया गया है। RTO फ्लाईओवर को 31 अगस्त तक हर हाल में पूर्ण करने का प्रयत्न किया जा रहा है। अब तक कोई चुनौती नजर नहीं आ रही है। पब्लिक सेफ्टी के अनुसार सारे मापदंडों का पालन कर उसे पूर्ण कर रहे हैं।

क्रिटिकल मरीजों के लिए जीवनदायी

आईएमए के अध्यक्ष राजेश सावरबांधे ने कहा कि अमरावती, अकोला से रोजाना बड़ी संख्या में मरीजों का आना होता है। कई बार क्रिटिकल मरीजों को भारी भीड़ के बीच संकट का सामना करना पड़ता है। चौक-चौराहों पर जाम में एंबुलेंस फंसने की स्थिति सामान्य सी बात हो जाती है। ऐेसे में यह फ्लाईओवर कई चौक-चौराहों से छुटकारा दिला रहा है।

एंबुलेंस की आने की रफ्तार बढ़ेगी। कम से कम 35-40 मिनट का समय बच सकेगा जो एक क्रिटिकल मरीज के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित होगा। बोले पेट्रोल पंप के बाद मरीज को सिटी के हर कोने में आसानी से ले जाया जा सकता है।

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