
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Jalna Municipal Election: जालना पूर्व विधायक कैलाश गोरंट्याल के भाजपा में शामिल होने के बाद कांग्रेस के 17 पूर्व नगरसेवकों ने भी उनके साथ हो लिए हैं। अब देखना दिलचस्प रहेगा कि मतदाता उन्हें विजयी बनाकर पांच वर्ष सेवा का अवसर देते हैं या फिर नकार देते हैं।
मनपा के गठन के बाद पहली बार 65 सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं। पिछले नगर पालिका चुनाव में गोरंट्याल की प्रभावशाली भूमिका रही। कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आते समय उन्होंने अपने समर्थकों को टिकट का आश्वासन दिया था।
जिसे भाजपा ने निभाया। भाजपा के कुल घोषित उम्मीदवारों में से 32 प्रत्याशी अन्य दलों से आए हैं इनमें कांग्रेस के 17, शिवसेना के 7 व अन्य दलों के 6 नेता शामिल है। ऐसे में मित्र दलों, कांग्रेस व निर्दलीयों के साथ होने वाली टक्कर पर सभी की नजरें लगी हुई हैं।
राज्य में कई स्थानों पर भाजपा व शिंदे गुट की शिवसेना के बीच गठबंधन नहीं हो सका इनमें जालना मनपा भी शामिल है। पूर्व विधायक गोरंट्याल ने कहा कि शुरुआत में 35-30 के सीट बंटवारे पर सहमति बनी थी। बाद में शिंदे गुट 35 सीटों पर अड़ा रहा व भाजपा सहमत भी हो गई।
हालांकि, महावीर ढक्का जैसे रणनीतिक रूप से अहम प्रभागों पर उसके दावे को लेकर गतिरोध पैदा हो गया। गोरंट्याल ने कहा कि जिन प्रभागों में एक नेता के दम पर चार-चार नगरसेवक चुने जाते हैं, वे सीटें भाजपा छोड़ नहीं सकतीं।
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नतीजतन, गठजोड़ टूट गया 2017 से 2021 के बीच नगरपालिका में कांग्रेस का एकछत्र राज रहा व कैलाश गोरंट्याल की पत्नी संगीता गोरंट्याल नगराध्यक्ष रहीं। भाजपा के खेमे में पहले से ही पूर्व केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे, विधायक बबनराव लोणीकर मौजूद हैं। अब गोरंट्याल भी पार्टी में शामिल हो गए






