अकोला जिले के विकास के लिए निधि मिली पर काम नहीं हुए, 31 मार्च से पहले 154 करोड़ रुपये खर्च करना जरूरी

Akola News: अकोला जिले में 2025-26 की विकास निधि खर्च धीमी, 333 करोड़ में से 199 करोड़ प्राप्त, 78 करोड़ ही खर्च हुए, शेष 154 करोड़ 31 मार्च तक खर्च करना प्रशासन के लिए चुनौती।
Akola district faces the challenge of accelerating development fund spending for 2025-26, with the remaining 154 crore required to be spent before March 31
काॅन्सेप्ट फोटो (सोर्स सोशल मीडिया)
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Akola District Development News: अकोला जिले के सर्वांगीण विकास के लिए 2025-26 के आर्थिक वर्ष में वार्षिक योजना अंतर्गत 333 करोड़ रु. की मंजूरी मिली है, जिनमें से अब तक 199 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। इस निधि से जिले में आधारभूत सुविधाओं और स्वास्थ्य सेवाओं सहित विभिन्न विकास कार्यों को गति दी जा रही है। प्राप्त निधि में से 279 करोड़ रुपये के कार्यों को प्रशासकीय मंजूरी दी गई है, लेकिन अब तक केवल 78 करोड़ रुपये ही खर्च हुए हैं।

ऐसे में 31 मार्च को आर्थिक वर्ष समाप्त होने से पहले शेष निधि खर्च करना प्रशासनिक यंत्रणाओं के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। जिला नियोजन समिति (डीपीसी) के माध्यम से अमल में लाई गई योजनाओं में सर्वसाधारण, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति उपयोजनाओं का समावेश था। विभिन्न विभागों से प्राप्त प्रस्तावों को समिति की मंजूरी के बाद निधि वितरित की जाती है। शुरुआत में निधि मिलने में विलंब हुआ, लेकिन हाल ही में 199 करोड़ का हप्ता प्राप्त होने से कायों को गति मिली है। अब मार्च तक संपूर्ण निधि नियमानुसार खर्च करना आवश्यक होने से सरकारी यंत्रणाओं ने काम की गति बढ़ा दी है।

निधि खर्च की गति बढ़ाना आवश्यक

राज्य की आर्थिक स्थिति कठिन होने की कबुली सरकार ने दी है। ऐसे में वार्षिक योजना अंतर्गत मंजूर 333 करोड़ में से 199 करोड़ प्राप्त होने की जानकारी है। गत वर्ष 29 करोड़ अखर्चित रहे थे और इस वर्ष भी खर्च की गति धीमी है, आर्थिक वर्ष समाप्त होने में तीन महीने शेष हैं, जिससे यह स्थिति चिंताजनक है। साथ ही मनपा चुनाव जारी है और आगामी जिला परिषद चुनाव घोषित होने वाले हैं, जिससे नए निर्णयों पर खर्च की मर्यादा आएगी। इसलिए विकास कार्यों को शीघ्र मंजूरी देकर उन्हें शुरू करने की प्रक्रिया में तेजी लाना आवश्यक है।

जिलाधिकारी वर्षा मीणा ने लिया जायजा

इस बीच जिलाधिकारी वर्षा मीणा की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें प्रारुप, पूर्व खर्च, प्रगति में चल रहे कार्यों का जायजा लिया गया। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि यदि कार्य अपूर्ण रहे या निधि अखर्चित रही तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में सार्वजनिक स्वास्थ्य, ग्रामीण सड़कें, सिंचाई, पशु संवर्धन, मृद व जलसंधारण, महावितरण सहित विभिन्न विभागों का जायजा लिया गया। इस समीक्षा के बाद कार्यों में तेजी आने की संभावना है।

पिछले कमजोर प्रदर्शन से लेना होगा सबक

  • पालकमंत्री आकाश फुंडकर ने गत वर्ष भी विकास निधि खर्च का जायजा लिया था। लेकिन 29 करोड़ रु. खर्च नहीं हो पाए। अंतिम दिन बजट निधि वितरण प्रणाली (बीडीएस) में तकनीकी अड़चन के कारण निधि जमा नहीं हो सका।
  • हालांकि निधि पहले ही मंजूर था, फिर भी समय रहते खर्च और वितरण की प्रक्रिया क्यों नहीं हुई, इस पर सवाल उठे हाल ही में पालकमंत्री ने फिर बैठक ली है। इसलिए इस बार पिछले कमजोर प्रदर्शन से सबक लेकर समय पर निधि खर्च करना प्रशासन के लिए आवश्यक है।
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