

Rohini Khadse On Petrol Price Hike: वैश्विक स्तर पर ईरान और इजरायल के बीच जारी संघर्ष के अप्रत्यक्ष प्रभावों के कारण भारतीय तेल कंपनियां लगातार घरेलू बाजारों में ईंधन के दाम बढ़ा रही हैं। पिछले पांच दिनों के भीतर दूसरी बार आम आदमी को महंगाई का झटका देते हुए पेट्रोल की कीमतों में 87 पैसे और डीजल में 91 पैसे का इजाफा किया गया है। इस मूल्यवृद्धि पर कड़ा ऐतराज जताते हुए एनसीपी (शरद पवार गुट) की नेता रोहिणी खड़से ने कहा कि केंद्र सरकार को जनता के दर्द से कोई सरोकार नहीं रह गया है।
रोहिणी खड़से ने सरकार की चालाकी पर प्रहार करते हुए कहा कि जब पिछली बार सरकार ने ईंधन की कीमतों में एक साथ 3 रुपये की बड़ी बढ़ोतरी की थी, तो देश की जागरूक जनता ने भाजपा को सड़कों से लेकर दिल्ली तक की परेड में करारी शिकस्त दी थी। उस ऐतिहासिक सबक के बाद अब सरकार ने सीधे रुपये बढ़ाने के बजाय चुपके से चंद पैसों की बढ़ोतरी करने की नई चाल चली है, ताकि जनता को तुरंत इसका एहसास न हो। लेकिन सरकार की रणनीति चाहे जो हो, अंतिम बोझ केवल और केवल आम आदमी के बजट पर ही पड़ रहा है।
जनता की लाचारी को एक मुहावरे के जरिए बयां करते हुए रोहिणी खड़से ने लिखा, "चाकू खरबूजे पर गिरे या खरबूजा चाकू पर, कटना तो खरबूजे को ही है!" उन्होंने कहा कि ईंधन कंपनियां अपनी कमी छुपाने के लिए चाहे जो बहाने बनाएं या सरकार इसके पीछे अंतरराष्ट्रीय युद्ध की दुहाई दे, हर हाल में मिडिल क्लास और गरीब नागरिकों की ही आर्थिक बली चढ़ाई जा रही है। विपक्ष ने अंदेशा जताया है कि सरकार आने वाले दिनों में हर रोज इसी तरह पैसे-पैसे बढ़ाकर पेट्रोल की कीमत को 130 के पार ले जाएगी।
इस राजनीतिक बयानबाजी के बीच महाराष्ट्र के जमीनी हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। नंदुरबार जिले के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर ईंधन की आपूर्ति ठप होने के कारण 'पेट्रोल-डीजल उपलब्ध नहीं है' के बोर्ड टांग दिए गए हैं। वहीं वाशिम जिले के अकोला नाका सहित कई प्रमुख इलाकों में ईंधन खरीदने के लिए गाड़ियों की किलोमीटर लंबी कतारें लग गई हैं। ईंधन कंपनियों द्वारा की जा रही अपर्याप्त आपूर्ति के कारण लोगों में अघोषित लॉकडाउन और पेट्रोल पूरी तरह खत्म होने का डर बैठ गया है।
ईंधन संकट के चलते मची इस अफरा-तफरी पर वाशिम के जिला कलेक्टर योगेश कुंभेजकर ने कड़ा रुख अपनाया है। नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिले में पिछले साल मई महीने की तुलना में इस साल 20 प्रतिशत अधिक पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति की गई है। उन्होंने कहा कि ईंधन की कोई वास्तविक कमी नहीं है। कुछ शरारती तत्व सोशल मीडिया पर अफवाहें फैला रहे हैं, जिसके कारण लोग घबराकर कतारों में खड़े हैं और घरों में पेट्रोल का स्टॉक कर रहे हैं। प्रशासन ने जनता से केवल जरूरत के मुताबिक ही ईंधन खरीदने का आग्रह किया है।