

Mohan Yadav Warning Bopal: PM Narendra Modi की वीआईपी संस्कृति और फिजूलखर्ची को कम करने की अपील की अवहेलना करना मध्य प्रदेश के दो बड़े भाजपा नेताओं को भारी पड़ गया है। छतरपुर और सिंगरौली में सैकड़ों वाहनों की रैली निकालने के मामले में सरकार और संगठन ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री निवास (CM House) में महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा यादव और सिंगरौली विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष वीरेंद्र गोयल को तलब किया गया।
इस हाई-प्रोफाइल बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह मौजूद रहे। करीब आधे घंटे तक बंद कमरे में चली इस बैठक में दोनों नेताओं से पहले स्पष्टीकरण मांगा गया और फिर उन्हें सख्त लहजे में समझाइश दी गई।
सरकार और संगठन की ओर से दोनों पदाधिकारियों को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी गई है कि भविष्य में यदि पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व की अपेक्षाओं और निर्देशों की अवहेलना की गई, तो उन्हें सौंपे गए जिम्मेदारी के पद तुरंत छीन लिए जाएंगे। नेताओं को नसीहत दी गई है कि आगे से ऐसा कोई भी कदम न उठाएं जिससे पार्टी नेतृत्व की छवि पर आंच आए।
महिला आयोग अध्यक्ष रेखा यादव की सफाई
, "मेरा दौरा पूरी तरह से आयोग का आधिकारिक कार्यक्रम था। मैंने सागर में वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया और वहीं रात्रि विश्राम किया था। इसके बाद छतरपुर में मंदिरों के दर्शन का कार्यक्रम था। रास्ते में समर्थकों ने स्वागत के लिए गाड़ी रोकी थी, लेकिन कुछ विरोधी लोगों ने उसी दौरान वीडियो बनवाकर उसे गलत तरीके से प्रसारित कर दिया।"
सिंगरौली विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष वीरेंद्र गोयल की सफाई
"मेरे स्वागत समारोह में केवल गिने-चुने वाहन ही शामिल थे। रैली का जो वीडियो वायरल हो रहा है, उसमें सड़क पर चल रहे सामान्य (रूटीन) ट्रैफिक के वाहनों को जोड़कर दिखाया गया है। लोगों ने ट्रैफिक को मेरी रैली का हिस्सा बताकर वीडियो फैलाया है, जो पूरी तरह गलत है।"
फिलहाल, संगठन ने दोनों नेताओं की दलीलों को सुनने के बाद उन्हें कड़ी चेतावनी देकर छोड़ दिया है, लेकिन इस कार्रवाई से साफ है कि भाजपा नेतृत्व अनुशासन को लेकर बेहद गंभीर है।