

Maharashtra Pilgrimage Development Projects News: महाराष्ट्र सरकार राज्य के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों के जतन और संवर्धन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सह्याद्री अतिथि गृह में आयोजित तीर्थ क्षेत्र विकास योजना की शिखर समिति की बैठक में छह प्रमुख तीर्थ स्थलों के लिए कुल 993.72 करोड़ रुपए के विकास प्रस्तावों को मंजूरी दी है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इन सभी विकास कार्यों को उच्च गुणवत्ता और आधुनिक सुविधाओं के साथ समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। इस उच्च स्तरीय बैठक में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजीत पवार, वन मंत्री गणेश नाईक, ग्राम विकास मंत्री जयकुमार गोरे सहित कई वरिष्ठ मंत्री, विधायक और आला अधिकारी उपस्थित थे।
श्री क्षेत्र भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग के सर्वांगीण और शाश्वत विकास के लिए 172.22 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इस परियोजना का काम मई 2027 तक हर हाल में पूरा किया जाए। इसके तहत अत्याधुनिक बस स्टेशन, पार्किंग सुविधा और यातायात को सुचारू बनाने के लिए सड़कों का चौड़ीकरण किया जाएगा। सड़कें 7 मीटर चौड़ी की जाएंगी।
संत तुकाराम महाराज के देहू स्थित जन्म स्थान, वैकुंत गमन मंदिर परिसर और भंडारा पहाड़ी क्षेत्र के संवर्धन के लिए 41।71 करोड़ रुपए की योजना स्वीकृत की गई है। इस राशि से ऐतिहासिक व धार्मिक स्थलों का जतन किया जाएगा। इसके तहत सड़कों का सुशोभीकरण, स्वच्छता, पीने का पानी, पार्किंग, श्रद्धालुओं के लिए निवास व्यवस्था और सूचना केंद्र का निर्माण होगा।
छत्रपति संभाजीनगर के वेरुल स्थित प्रसिद्ध घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर के लिए 210.45 करोड़ रुपए का संशोधित बजट तैयार किया गया है। इसमें अत्याधुनिक भक्त निवास, दर्शन बारी, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और 1।6 किमी का बाईपास रोड तेजी से बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं श्री क्षेत्र परली वैजनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर के लिए 301.54 करोड़ रुपए का अतिरिक्त प्रस्ताव मंजूर हुआ है। इसका काम तीन चरणों में होगा, जिसमें डिजिटल कतार व्यवस्था, अन्न छत्र, हरिहर व मार्कंडेय तीर्थों का वैज्ञानिक पुनरुज्जीवन और मेरू पर्वत पर भव्य शिव प्रतिमा, शिवपुराण संग्रहालय व लेजर लाइट शो जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। बैठक के दौरान पुणे, बीड और सातारा के जिलाधिकारियों ने इन विकास योजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।