
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Non Bailable Warrant Khadse: जलगांव राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार) के वरिष्ठ नेता और विधायक एकनाथ खडसे एक बार फिर कानूनी संकट में फंस गए हैं। पुणे के चर्चित भोसरी जमीन खरीद मामले में सत्र न्यायालय ने खडसे और उनकी पत्नी मंदाकिनी खडसे के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट में गैरहाजिर रहने की बजह से न्यायाधीश ने यह कठोर निर्णय लिया।
इससे पहले विशेष पीएमएलए कोर्ट ने इस मामले में एकनाथ खडसे द्वारा दाखिल की गई दोषमुक्ति की याचिका को खारिज कर दिया था। इस फैसले के बाद खडसे परिवार की कानूनी अड़चने पहले ही बढ़ गई थी।
इसके बावजूद सुनवाई के लिए कोर्ट में उपस्थित न होना खडसे दंपति को भारी पड़ा है। अब उन्हें किसी भी हाल में कोर्ट के समक्ष पेश होना अनिवार्य होगा।
पुणे के भोसरी स्थित एमआईडीसी की जमीन को लेकर हुए सौदे में पद का दुरुपयोग और आर्थिक हेराफेरी का आरोप एकनाथ खडसे और उनके परिवार पर है।
उनकी पत्नी और दामाद गिरीश चौधरी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस मामले में खडसे, के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिग के तहत करीब एक हजार
आरोपपत्र दाखिल किया है। आरोप है कि इस जमीन व्यवहार में काले धन का इस्तेमाल किया गया और सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया गया।
गैरजमानती वारंट जारी होने के बाद अब सबकी नजरें 13 फरवरी को होने वाली सुनवाई पर टिकी शुक्रवार को इस मामले में आरोप तय होने थे, लेकिन खड़से दंपत्ति की अनुपस्थिति के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
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शरद पवार गुट के लिए भी यह एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
अब देखना यह है कि खडसे परिवार गिरफ्तारी से बचने के लिए क्या कानूनी कदम उठाता है।






