भाजपा के गढ़ में सेंध लगाने शरद पवार गुट और भाकपा ने मिलाया हाथ, नागपुर में बदला चुनावी मिजाज

Nationalist Congress Party Sharad Pawar Faction: भाजपा के गढ़ में सेंध लगाने के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने हाथ मिला लिया है।
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अनिल देशमुख (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Nagpur Municipal Corporation Elections: नागपुर महानगरपालिका चुनाव की पृष्ठभूमि में शहर की राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलने लगे हैं। भाजपा का गढ़ माने जाने वाले नागपुर में सत्ताधारियों को रोकने के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरद पवार गुट और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने गठबंधन करने का निर्णय लिया है। इस नये समीकरण से चुनाव में कड़ा मुकाबला पैदा करने की नई चुनौती खड़ी करने का यह प्रयास है।

संगठित ताकत बढ़ाने की कोशिश

राष्ट्रवादी ने शहर में अपनी संगठनात्मक ताकत बढ़ाने पर जोर दिया है। दूसरी ओर, मजदूर और झुग्गी-बस्ती इलाकों में प्रभाव रखने वाली भाकपा ने राष्ट्रवादी नेतृत्व को समर्थन जताया है। दोनों दलों के स्थानीय नेताओं ने स्पष्ट किया कि प्रगतिशील विचारों की रक्षा के लिए और स्थानीय मुद्दों पर आवाज उठाने के लिए हम साथ आए हैं। दोनों दलों ने वार्ड-वार अपनी-अपनी ताकत का आकलन किया और जहां भाकपा की ताकत अधिक है वहां राकां उन्हें समर्थन देगी, जबकि अन्य स्थानों पर भाकपा राकां उम्मीदवारों के प्रचार में सहयोग करेगी।

पानी, ठेका मजदूरों की समस्या को बनाया मुद्दा

यह गठबंधन बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, शहर की पानी की समस्या और ठेका मजदूरों की समस्याओं जैसे मुद्दों पर चुनाव लड़ेगा। बताया जा रहा है कि भाजपा-विरोधी मतों के विभाजन से बचने के लिए यह निर्णय लिया गया है। नागपुर महानगरपालिका में पिछले कई वर्षों से भाजपा की सत्ता है। हालांकि महाविकास आघाड़ी के घटक दलों और वामपंथी दलों की यह नजदीकी सत्ताधारी भाजपा के लिए सिरदर्द बन सकती है।

नागपुर के सर्वांगीण विकास और आम जनता के अधिकारों के लिए हम साथ आए हैं। यह गठबंधन केवल चुनाव तक सीमित नहीं है बल्कि वैचारिक आधार पर टिका है। समान विचारधारा वाले दलों के मतों का विभाजन न हो, यही हमारा मुख्य उद्देश्य है।

  • अनिल देशमुख, पूर्व गृह मंत्री

हमारे और राष्ट्रवादी कांग्रेस शरद पवार गुट के विचार मेल खाते हैं। हम दोनों दल भाजपा की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ हैं। समान विचारों वाले मतों का विभाजन टालकर एक दूसरे की ताकत का लाभ उठाने के लिए हमने हाथ मिलाया है।

  • श्याम काले, राज्य सहसचिव, भाकपा
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