

Eknath Khadse Money Laundering Case: महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री एकनाथ खडसे और उनकी पत्नी के खिलाफ पुणे में जमीन सौदे से जुड़े धनशोधन मामले में विशेष स्थानीय अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए गैर-जमानती वारंट जारी किया है। अदालत ने यह कार्रवाई आरोपियों के निर्धारित सुनवाई के दौरान पेश न होने पर की।
यह मामला संशोधनों के निर्धारण के लिए सूचीबद्ध था, जिसमें आरोपी की व्यक्तिगत उपस्थिति जरूरी मानी गई थी। सांसदों और विधायकों से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश महेश जाधव ने कहा कि इस प्रक्रिया में अभियुक्तों का अदालत में उपस्थित रहना आवश्यक था, लेकिन वे निर्धारित तारीख पर पेश नहीं हुए।
अदालत ने आरोपियों की ओर से दाखिल उपस्थिति से छूट के आवेदन को असंतोषजनक और अस्पष्ट करार दिया। न्यायाधीश ने कहा कि आवेदन में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि अभियुक्तों को कौन सी व्यक्तिगत या गंभीर समस्या का सामना करना पड़ा, जिसके कारण वे अदालत में उपस्थित नहीं हो सके।
अदालत के इस फैसले के बाद मामले की कानूनी प्रक्रिया और तेज होने की संभावना है। गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद अब आरोपियों को अदालत के समक्ष पेश होना अनिवार्य होगा। इस प्रकरण को लेकर राजनीतिक और कानूनी हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। आगामी सुनवाई में अदालत आगे की कार्रवाई तय करेगी और मामले की दिशा पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।