गोंदिया जिले को ‘गीला अकाल’ घोषित करें, जिला सरपंच संघ ने की आर्थिक सहायता की मांग

Gondia Sarpanch Union: गोंदिया में बेमौसम बारिश से फसलें बर्बाद, किसानों ने जिले को 'गीला अकाल' घोषित कर तुरंत आर्थिक सहायता देने की मांग की।
गोंदिया जिले को ‘गीला अकाल’ घोषित करें
गोंदिया जिले को ‘गीला अकाल’ घोषित करें (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Gondia Farmers: गोंदिया जिले में हुई बेमौसम बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। कटाई के मौसम में हुई लगातार बारिश से धान की फसलें भारी मात्रा में बर्बाद हो गई हैं। ऐसे में प्रत्येक किसान के खेत का अलग-अलग पंचनामा कर नुकसान का आकलन करना प्रशासन के लिए लगभग असंभव हो गया है। इसी कारण गोंदिया जिला सरपंच संघ ने राज्य सरकार से पूरे गोंदिया जिले को ‘गीला अकाल क्षेत्र’ घोषित करने और सभी किसानों को तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है।

पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण जिलेभर में किसानों की हजारों हेक्टेयर में लगी धान की फसलें जलमग्न हो गई हैं। पहले से ही मावा और तुड़तुड़ा जैसे कीटों के प्रकोप तथा खाद की महंगाई से जूझ रहे किसानों पर अब बेमौसम बारिश ने अतिरिक्त संकट खड़ा कर दिया है।

फसलें भीगने से अंकुरित हो गई

कटाई के बाद खेतों में रखी धान की फसलें भीगने से अंकुरित हो गई हैं, जबकि खड़ी फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। किसानों की महीनों की मेहनत और पूंजी पानी में बह गई है। प्रशासन की ओर से नुकसान का पंचनामा किया जा रहा है, लेकिन व्यापक नुकसान के कारण प्रत्येक किसान तक पहुंचने में कई दिन लग सकते हैं।

पंचनामा में समय बर्बाद न करें : सरपंच संघ

जिला सरपंच संघ ने मांग की है कि पंचनामा प्रक्रिया में समय बर्बाद किए बिना सभी प्रभावित किसानों को तत्काल सहायता दी जाए। संघ के जिला अध्यक्ष और भजेपार ग्राम पंचायत के सरपंच चंद्रकुमार बहेकार ने कहा कि किसानों की स्थिति बेहद गंभीर है, इसलिए प्रशासन को राहत वितरण में तत्परता दिखानी चाहिए।

इस दौरान दादा संग्रामे, महेंद्र भांडारकर, उपाध्यक्ष मनीष गहेरवार, धर्मराज पाथोड़े, सचिव एड. हेमलता चव्हाण, महिला जिला अध्यक्ष वर्षा पटले और महिला उपाध्यक्ष योगेश्वरी चौधरी सहित जिले के सभी सरपंचों और उपसरपंचों ने एकमत होकर सरकार से ‘गीला अकाल’ घोषित करने की दृढ़ मांग की।

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