

Metro 9 Flyover Mira Bhayander: मीरा-भाईंदर - काशीमीरा-भाईंदर छत्रपति शिवाजी महाराज मुख्य मार्ग पर स्थित बहुचर्चित ‘बॉटल नेक’ फ्लाईओवर के दो लेनों के बीच की डिवाइडर दीवार हटाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। चार लेन से अचानक दो लेन में सिमट जाने के कारण चर्चा में आए इस फ्लाईओवर के संकरे हिस्से को चौड़ा करने की कवायद जारी है।
पुराने पेट्रोल पंप से शुरू होकर आजाद नगर स्थित धर्मकांटा तक जाने वाले इस फ्लाईओवर पर गोल्डन नेस्ट सर्कल के पास चार लेन अचानक दो लेन में बदल जाती हैं, जिससे यातायात पर दबाव बढ़ने और ‘बॉटल नेक’ जैसी स्थिति बनने की शिकायतें सामने आई थीं। सोशल मीडिया पर डिजाइन को लेकर उठे सवालों और वाहन चालकों की शिकायतों के बाद मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने सुधारात्मक कदम उठाए हैं।
सूत्रों के अनुसार, दोनों लेनों के बीच की डिवाइडर दीवार को लगभग 100 मीटर तक हटाकर आरसीसी से संरचनात्मक मजबूती दी जाएगी। दीवार की जगह सामान्य सड़कों पर उपयोग होने वाले छोटे डिवाइडर लगाए जाएंगे, जिससे संकरे हिस्से की चौड़ाई कुछ हद तक बढ़ाई जा सके।
एमएमआरडीए ने स्पष्ट किया है कि जब तक फ्लाईओवर के प्रारंभिक बिंदु (पुराना पेट्रोल पंप) से अंतिम बिंदु तक चारों लेनों का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो जाता, तब तक पूरे मार्ग पर केवल दो लेन ही यातायात के लिए खोली जाएंगी।
एमएमआरडीए के अनुसार, चार से दो लेन में बदलाव किसी डिजाइन त्रुटि का परिणाम नहीं है, बल्कि उपलब्ध सड़क चौड़ाई और भविष्य की योजना को ध्यान में रखकर यह संरचना तैयार की गई है। फ्लाईओवर को 2+2 लेन संरचना के रूप में विकसित किया गया है। दो लेन भाईंदर पूर्व के लिए और भविष्य में दो लेन भाईंदर पश्चिम कनेक्शन हेतु प्रस्तावित हैं।
फ्लाईओवर की बनावट पर उठे सवालों को देखते हुए एमएमआरडीए ने एक परिवहन सलाहकार नियुक्त कर पुनः तकनीकी जांच कराने का निर्णय लिया है। प्राधिकरण ने कहा है कि सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय शामिल किए गए हैं और यातायात पुलिस के मार्गदर्शन में ही पुल को चरणबद्ध तरीके से खोला जाएगा।
‘बॉटल नेक’ फ्लाईओवर में किए जा रहे इन सुधार कार्यों से फिलहाल यातायात को आंशिक राहत मिलने की उम्मीद है, हालांकि पूर्ण समाधान चार लेन विस्तार पूरा होने के बाद ही संभव होगा। तब तक वाहन चालकों को सीमित लेन व्यवस्था में सावधानीपूर्वक यात्रा करनी होगी।