धान खरीदी केंद्र तत्काल शुरू करें, विधायक मसराम सहित किसानों ने खरीदी संस्था कार्यालय पर दी दस्तक

Paddy Procurement Centre: देसाईगंज में धान खरीदी बंद होने से नाराज किसानों के साथ विधायक रामदास मसराम ने खरीदी संस्था कार्यालय पहुंचकर तत्काल खरीदी केंद्र शुरू करने और भुगतान करने की मांग की।
Desaiganj paddy purchase
MSP paddy Maharashtra (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Maharashtra Farmer Issue: महाराष्ट्र राज्य सरकार द्वारा धान उत्पादक किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के उद्देश्य से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू की गई थी। हालांकि, गोदाम भरे होने का कारण बताकर सहकारी खरीदी संस्थाओं ने धान खरीदी बंद कर दी, जिससे लगभग 50 प्रतिशत किसान धान बिक्री से वंचित रह गए। यह मामला सामने आते ही आरमोरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक रामदास मसराम किसानों के साथ देसाईगंज स्थित सहकारी खरीदी-बिक्री संस्था के कार्यालय पहुंचे और स्थिति की जानकारी ली।

देसाईगंज तहसील में सहकारी खरीदी-बिक्री संस्था के माध्यम से कुल 5,207 किसानों ने धान बिक्री के लिए ऑनलाइन पंजीयन कराया था। इनमें से अब तक 2,526 किसानों ने 95,724 क्विंटल धान संस्थाओं को बेचा है। इसके बावजूद, दो माह की अवधि बीत जाने के बाद भी इन किसानों को कुल 22 करोड़ 67 लाख 70 हजार 156 रुपये की राशि का भुगतान नहीं किया गया है।

भारी आर्थिक बोझ

इसके अलावा, 2,719 किसान आज भी धान बिक्री से वंचित हैं। यदि उन्हें खुले बाजार में धान बेचना पड़ा, तो प्रति क्विंटल 400 रुपये से अधिक का नुकसान होने की आशंका है, जिससे किसानों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ सकता है।

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए विधायक रामदास मसराम ने संस्था कार्यालय में पहुंचकर पणन प्रबंधक किरण गाडे, जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा तथा जिला पणन व्यवस्थापक तिवाडे से मोबाइल पर संपर्क किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से मांग की कि कोई भी किसान धान बिक्री से वंचित न रहे, इसके लिए तत्काल उपाययोजना की जाए और जिन किसानों ने पहले ही धान बेचा है, उनके खातों में तुरंत भुगतान किया जाए।

कलेक्टर ने खरीदी केंद्र शुरू करने का दिया आश्वासन

किसानों की मांग पर जिलाधिकारी ने सकारात्मक प्रतिसाद देते हुए धान खरीदी केंद्रों को पूर्ववत शुरू करने का आश्वासन दिया है। इस अवसर पर धनपाल मिसार, पार्षद श्याम उईके, ठाकरे, पुंडलिक घोडाम, दुर्वास नाईक, परशूराम ठाकरे, सुनील मेश्राम, प्रमोद पिलारे, पुंडलिक तलमले, हिरामण गराटे, ज्ञानदेव पिलारे, सागर वाढई सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

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