
नो पार्किंग में खड़ी 3,243 गाड़ियों पर कार्रवाई (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Bhandara News: भंडारा शहर के प्रमुख चौक पहले से ही अव्यवस्थित ट्रैफिक व्यवस्था से जूझ रहे हैं। इसी बीच, ट्रैफिक पुलिस ने दस महीनों में नो पार्किंग जोन में खड़े वाहनों पर सख्त कार्रवाई करते हुए 3,243 वाहनों पर जुर्माना ठोका।
जनवरी से अक्टूबर 2025 के बीच कुल 24 लाख 26 हजार 500 रुपये की वसूली की गई।हालांकि, जुर्माना वसूली के आंकड़े कागज़ पर भारी दिखते हैं, लेकिन पूरे शहर में एक भी मानक पार्किंग जोन नहीं होना अब बड़ा सवाल बन गया है।
ट्रैफिक पुलिस को नो पार्किंग जोन में खड़ी गाड़ियों पर कार्रवाई का अधिकार है, लेकिन नियमों के अनुसार, वाहन उठाने से पहले लाउडस्पीकर से वाहन चालक को सूचित करना जरूरी है। यदि चालक मौजूद न हो, तभी वाहन उठाया जा सकता है।नागरिकों का आरोप है कि कई जगहों पर यह प्रक्रिया नहीं अपनाई जा रही। बिना घोषणा किए पुलिस सीधे वाहन उठा लेती है, जिससे लोगों में नाराज़गी है।
हर दिन नए वाहन रजिस्टर हो रहे हैं, लेकिन सड़कें जस की तस हैं और पार्किंग व्यवस्था लगभग शून्य है।परिणामस्वरूप जाम, अव्यवस्था और नियम उल्लंघन आम हो गया है।नागरिकों का कहना है कि पुलिस जुर्माना लगाती है, लेकिन मूलभूत ढांचा कौन देगा? 158 वर्ष पुरानी नगर परिषद ने अब तक एक भी वैध पार्किंग जोन तैयार नहीं किया।
नो पार्किंग जोन में वाहन खड़ा करने पर ₹500 का जुर्माना वसूला जाता है। शहर में न तो मानक पार्किंग सुविधा है और न ही दुकानदारों के पास ग्राहकों के लिए कोई स्थान। नतीजा लोग मजबूरी में सड़क किनारे वाहन खड़ा करते हैं और बाद में पुलिस से जुर्माना झेलते हैं।
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मुस्लिम लाइब्रेरी चौक से लेकर बड़ा बाजार तक, दिनभर वाहन अव्यवस्थित रूप से खड़े मिलते हैं। लेकिन असली सवाल अब भी वही है “जब पार्किंग ही नहीं, तो लोग गाड़ियां लगाएं कहां?”






