'शरद पवार न होते तो जल उठता महाराष्ट्र', बजट सत्र में भास्कर जाधव ने अजित पवार के निधन पर जताया बड़ा संशय

Bhaskar Jadhav Speech Ajit Pawar Death: बजट सत्र में भास्कर जाधव ने अजित पवार के निधन पर शरद पवार के बयान का समर्थन किया। कहा- सच्चाई सामने लाना मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी है।
Bhaskar Jadhav Speech On Ajit Pawar Death
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Maharashtra Assembly Budget Session 2026: महाराष्ट्र विधानसभा के बजट सत्र में आज उस समय माहौल गरमा गया जब शिवसेना (UBT) के विधायक भास्कर जाधव ने दिवंगत नेता अजित पवार के निधन को लेकर एक बड़ा बयान दिया। विधानसभा में शोक प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान जाधव ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के संस्थापक शरद पवार के उस रुख का पुरजोर समर्थन किया, जिसमें उन्होंने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए इसे 'हादसा' बताया था। जाधव ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि उस समय शरद पवार ने संयम नहीं दिखाया होता, तो पूरा महाराष्ट्र गुस्से की आग में जल उठता और स्थिति किसी के नियंत्रण में नहीं रहती।

अजित पवार की विमान दुर्घटना को लेकर राज्य की जनता और विशेष रूप से युवा कार्यकर्ताओं के मन में कई सवाल और 'साजिश' (Foul Play) की आशंकाएं बनी हुई हैं। भास्कर जाधव के इस बयान ने सदन में विपक्ष की उस भावना को स्वर दिया है जो इस घटना की तह तक जाने की मांग कर रही है।

शरद पवार के बयान का रणनीतिक महत्व

भास्कर जाधव ने सदन में कहा कि भले ही हमारा मन यह मानने को तैयार न हो कि यह सिर्फ एक हादसा था, लेकिन शरद पवार का बयान समय की मांग थी। जाधव के अनुसार, "शरद पवार ने जो कहा वह विसंगत नहीं था, बल्कि उस समय की गंभीर परिस्थिति को संभालने के लिए उठाया गया कदम था। अगर उन्होंने साजिश की बात कही होती, तो पूरे महाराष्ट्र में आक्रोश की लहर दौड़ जाती, जिसे सरकार की पूरी ताकत भी नहीं रोक पाती।" उन्होंने स्पष्ट किया कि रोहित पवार और शरद पवार के बयानों में अंतर का मतलब फूट नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का निर्वहन है।

जनता के मन में संशय और 'घातपात' की आशंका

जाधव ने सीधे तौर पर सरकार को घेरते हुए कहा कि महाराष्ट्र की आम जनता आज भी यह मानने को तैयार नहीं है कि यह एक सामान्य दुर्घटना थी। उन्होंने 'घातपात' (साजिश) की ओर इशारा करते हुए कहा कि लोगों के मन में जो संदेह है, उसे दूर करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि अजित पवार के निधन के पीछे का कड़वा सच सामने लाया जाए। सदन में उनकी इस आक्रामक टिप्पणी के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सन्नाटा छा गया, क्योंकि यह मुद्दा सीधे तौर पर जनभावनाओं से जुड़ा है।

जांच की मांग और सरकार की जवाबदेही

भास्कर जाधव ने अपने संबोधन का समापन करते हुए कहा कि वे इससे अधिक कुछ नहीं कहना चाहते, लेकिन मुख्यमंत्री को इस मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच करानी चाहिए। उनका तर्क था कि सत्य की जीत होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को लेकर कोई राजनीतिक धुंध न रहे। बजट सत्र के पहले ही दिन इस तरह की चर्चा ने संकेत दे दिए हैं कि विपक्ष इस मुद्दे को आसानी से ठंडा नहीं होने देगा और आने वाले दिनों में गृह विभाग से इस पर विस्तृत स्पष्टीकरण की मांग की जाएगी।

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