
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Majhi Ladki Bahin Yojana: धुले मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण’ योजना के अंतर्गत धुले जिले की उन हजारों महिलाओं के लिए राहत भरी खबर आई है, जिनके आवेदन तकनीकी कारणों से अधर में लटके हुए थे। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के दौरान केवाईसी करते समय हुई मानवीय चूक या गलत विकल्प चुनने के कारण जिले के हजारों आवेदन ‘पेंडिंग’ या ‘रिजेक्ट’ श्रेणी में डाल दिए गए थे। अब प्रशासन ने इन आवेदनों की प्रत्यक्ष पड़ताणनी (सत्यापन) करने का निर्णय लिया है, जिससे फरवरी महीने में बकाया राशि मिलने की उम्मीद जग गई है।
प्रशासन के ध्यान में आया है कि कई महिलाओं ने जानकारी भरते समय तकनीकी बारीकियों को नहीं समझा, जिससे उनके आवेदन पात्र होने के बावजूद रुक गए, अब इस समस्या के समाधान के लिए जिले के 51 हजार 484 संदिग्ध या रुके हुए आवेदनों की जांच अब सीचे आंगनवाड़ी सेविकाओं के माध्यम से घर-घर जाकर की जाएगी यदि किसी महिला का बैंक खाता लिक नहीं है या केवाईसी में छोटी गलती है, तो सेविकाएं उसे मौके पर ही दुरुस्त करने में मदद करेंगी।
धुले जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग के सूत्रों के अनुसार, जैसे ही इन 51 हजार से अधिक आवेदनों का भौतिक सत्यापन पूरा हो जाएगा, इन्हें ‘पात्र’ सूची में शामिल कर लिया जाएगा।
संभावना जताई जा रही है कि फरवरी महीने में इन महिलाओं के बैंक खातों में अब तक के सभी रुके हुए हफ्तों की एकमुश्त राशि जमा कर दी जाएगी।
इससे तन गरीब महिलाओं को बड़ा आर्थिक संबल मिलेगा जो पिछले कई महीनों से इस मदद की प्रतीक्षा कर रही थीं।
जांच में पाया गया कि कई महिलाओं ने आधार कार्ड और बैंक पासबुक की फोटो साफ अपलोड नहीं की थी।
कुछ मामलों में मोबाइल नंबर लिंक न होने या ‘आधार सीडिंग’ न होने के कारण पैसा बैंक तक नहीं पहुंच पाया।
अंगणवाडी सेविकाओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे इन तकनीकी बाधाओं को दूर कर रिपोर्ट जिला मुख्यालय को सौंपं। प्रशासन ने अपील की है कि सत्यापन के दौरान महिलाएं अपने मूल दस्तावेज तैयार रखें।
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योजना का लाभ केवल पात्र और जरूरतमंद महिलाओं तक ही पहुंचे, इसके लिए प्रशासन कड़ी निगरानी रख रहा है।
मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देशों के बाद अब घुलिया जिला प्रशासन युद्धस्तर पर लंबित आवेदनों का निपटारा करने में जुट गया है।






