दूषित पानी पीने से 4 वर्षीय बालक की मौत, जलापूर्ति करने वाली कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज

Vidarbha Multi Services: चंद्रपुर के वरोरा में दूषित पानी पीने से चार वर्षीय बालक की मौत के मामले में पुलिस ने जलापूर्ति करने वाली कंपनी के खिलाफ लापरवाही का केस दर्ज किया है।
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Vidarbha Multi Services:चंद्रपुर के वरोरा में दूषित पानी (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Warora Contaminated Water Case: वरोरा शहर के मालवीय वार्ड परिसर में दूषित पानी पीने से चार साल के पुरवेश सुभाष वांद्रे की मौत के मामले में आखिरकार पुलिस ने जलापूर्ति का काम देखने वाली कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इस कार्रवाई से न्याय का इंतज़ार कर रहे परिजनों को राहत मिली है।

मालवीय वार्ड में रहने वाले पुरवेश वांद्रे को जुलाई 2024 में अचानक तेज़ डायरिया और उल्टियां शुरू हुई थीं। उसे पहले एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत बिगड़ने पर वरोरा उपजिला अस्पताल में शिफ्ट किया गया। इलाज के दौरान 7 जुलाई 2024 को उसकी मौत हो गई।

पानी के सैंपल जांच के लिए लैब में भेजे थे

इसी दौरान मालवीय वार्ड के 13 अन्य लोगों को भी डायरिया और उल्टियों की शिकायत के चलते अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। पुरवेश के परिवार के सदस्य भी इसी बीमारी से प्रभावित हुए थे।वरोरा नगर परिषद ने शहर में प्लंबिंग, सफाई और पानी की आपूर्ति के रखरखाव का ठेका विदर्भ मल्टी सर्विसेज कंपनी को दिया था। पुरवेश की मौत के बाद परिजनों ने कंपनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए दूषित पानी की आपूर्ति के लिए उसे ज़िम्मेदार ठहराया था। इसके बाद पुलिस ने पानी के सैंपल जांच के लिए लैब में भेजे थे।

रिपोर्ट में लापरवाही का खुलासा

बुधवार को प्राप्त लैब रिपोर्ट में पानी के दूषित होने की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, पुरवेश की मौत दूषित पानी से हुए संक्रमण के कारण हुई। पुलिस ने विदर्भ मल्टी सर्विसेज, वरोरा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 271 और 106(1) के तहत मामला दर्ज किया है।

प्रारंभिक सबूतों से यह स्पष्ट होता है कि यह घटना कंपनी की लापरवाही का नतीजा है। इस मामले में न्याय की मांग को लेकर वैभव डहाने तहसील कार्यालय के टावर पर चढ़ गए थे, जबकि मालवीय वार्ड के नागरिकों ने तहसील कार्यालय के सामने जोरदार विरोध प्रदर्शन भी किया था।

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