14 जनवरी की वो खौफनाक घटना, हैदरगढ़ टोल प्लाजा पर उस दिन क्या हुआ था? वकील ने खुद बताया, देखें वीडियो

Barabanki में 14 जनवरी को टोल कर्मियों द्वारा एक अधिवक्ता की पिटाई के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। पीड़ित वकील रत्नेश शुक्ला की आपबीती सुनने के बाद एनएचएआई ने कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की है।

Haidergarh Toll Plaza Incident: इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अधिवक्ता रत्नेश शुक्ला ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि 14 जनवरी को वे अपने मुवक्किल के काम से सुल्तानपुर-लखनऊ हाईवे के रास्ते उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ जा रहे थे। जब वे बाराबंकी के हैदरगढ़ स्थित टोल प्लाजा पर पहुँचे, तो वहां उनकी गाड़ी रोकी गई। उनके पास 3000 रुपये वाला इयरली पास था, जो नितिन गडकरी द्वारा जारी किया गया है, लेकिन एक्सीडेंट के कारण विंडशील्ड बदलने की वजह से वह चिपका हुआ नहीं था।

टोल कर्मियों ने फास्टटैग से पैसा काटने के बजाय नकद (Cash) में दोगुना चार्ज मांगने की जिद शुरू कर दी। जब अधिवक्ता ने इसका विरोध किया और पुलिस को बुलाने की बात कही, तो कर्मचारी गाली-गलौज और मारपीट पर उतारू हो गए।

गुंडागर्दी का चरम: "पानी तक नहीं दिया गया"

रत्नेश शुक्ला के अनुसार, रवि सिंह तोमर नामक व्यक्ति और उसके साथियों ने उन्हें इतनी बेरहमी से पीटा कि वे बेहोश होकर गिर पड़े। उन्होंने आरोप लगाया कि बेहोशी की हालत में भी उन पर लात-घूंसे बरसाए गए और तड़पने के दौरान किसी ने उन्हें पानी तक नहीं दिया। इतना ही नहीं, उनकी सोने की चेन, अंगूठी और पर्स भी छीन लिया गया।

संबंधित खबरें

No stories found.
Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com