
Hinganghat Cultural Heritage:हिंगनघाट के तबला वादक (सोर्सः सोशल मीडिया)
Hinganghat Tabla Artist: खेल, साहित्य, चित्रकला, मूर्तिकला और संगीत की समृद्ध परंपरा से पहचानी जाने वाली हिंगनघाट नगरी ने एक बार फिर अपनी सांस्कृतिक पहचान को गौरवान्वित किया है। इसी नगरी से उभरकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परचम लहराने वाले तबला वादक विठ्ठल दानव का चयन प्रसार भारती के आकाशवाणी नागपुर केंद्र द्वारा बी-श्रेणी के अधिकृत कलाकार के रूप में किया गया है।
बाल्यावस्था से माता-पिता और गुरुओं के आशीर्वाद, तबला वादन की निरंतर साधना और अटूट इच्छाशक्ति के बल पर विठ्ठल दानव ने अपने हुनर से हिंगनघाट के गौरव में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ा है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर संपूर्ण तहसील क्षेत्र से उन्हें बधाइयां दी जा रही हैं।
आकाशवाणी नागपुर केंद्र द्वारा अक्टूबर 2025 में तबला वादन (सुगम संगीत) की ताल-परीक्षा आयोजित की गई थी। इस चयन प्रक्रिया में विठ्ठल दानव द्वारा प्रस्तुत सुगम संगीत में प्रभावशाली तबला वादन को परीक्षकों ने विशेष रूप से सराहा। इसके आधार पर उन्हें सफल घोषित करते हुए आकाशवाणी की बी-श्रेणी की मान्यता प्रदान की गई।
इस श्रेणी के माध्यम से अब विठ्ठल दानव को सरकारी स्तर पर मान्यता प्राप्त तबला कलाकार का दर्जा मिला है, और शीघ्र ही आकाशवाणी से उनके तबला वादन के कार्यक्रम प्रसारित किए जाएंगे।
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हिंगनघाट को कला की भूमि कहा जाता है। “सौ घाटों का एक घाट, वही हिंगनघाट।” इसी नगरी के एक सच्चे कलाकार ने मंदिरों में भजन से आरंभ हुई अपनी तबला यात्रा को अथक साधना के बल पर आकाशवाणी के मंच तक पहुंचाया है। अब एक बार फिर हिंगनघाट का नाम और विठ्ठल दानव का तबला आकाशवाणी पर गूंजेगा, जिससे कला प्रेमियों में उत्साह का माहौल है।






