
पंकजा मुंडे जन्मदिन विशेष (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Pankaja Munde Birthday Special: महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के पूर्व नेता दिवंगत गोपीनाथ मुंडे की बेटी पंकजा मुंडे आज महाराष्ट्र की राजनीति में अपना और अपने पिता का नाम आगे लेकर जा रही है। अपने पिता के नक्शेकदम पर चलकर पंकजा मुंडे वर्तमान में महाराष्ट्र के पशुपालन और डेयरी विकास मंत्री के रूप में राज्य के हित के लिए अपनी सेवा दे रही है।
पंकजा मुंडे महाराष्ट्र की जानी मानी एक भारतीय पॉलिटिशियन मानी जाती है। वह भाजपा की राष्ट्रीय सचिव भी है। वह वर्तमान में वह देवेंद्र फडणवीस के तीसरे मंत्रिमंडल में पशुपालन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री के रूप में कार्यरत हैं । पंकजा मुंडे का जन्म 26 जुलाई 1979 को भाजपा नेता गोपीनाथ मुंडे के घर में बड़ी बेटी के रूप में हुआ।
उनकी दो बहने भी है, प्रज्ञा मुंडे और यशश्री मुंडे। यशश्री मुंडे ने हाल ही में बैंक के चुनाव से राजनीति में कदम रखा है। पंकजा प्रमोद महाजन की भतीजी और राहुल महाजन व पूनम महाजन की चचेरी बहन हैं। अजित पवार गुट के धनंजय मुंडे उनके चचेरे भाई हैं।
पंकजा मुंडे ने अपनी पढ़ाई अमेरिका से पूरी की और एमबीए की शिक्षा प्राप्त की। महाराष्ट्र की राजनीति में पंकजा मुंडे ने अपना अहम योगदान निभाया है। पंकजा मुंडे देवेंद्र फडणवीस मंत्रिमंडल में ग्रामीण विकास, महिला एवं बाल कल्याण मंत्री के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। अपने राजनीतिक जीवन के अलावा, उन्हें एक चीनी मिल और बैंकिंग में भी काम किया है। अपने नेतृत्व क्षमता के कारण 2017 में, उन्हें ‘द पावरफुल पॉलिटिशियन’ पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।
2009 में, वह परली निर्वाचन क्षेत्र से महाराष्ट्र विधानसभा के लिए चुनी गईं। 2012 में, पंकजा मुंडे ने भाजपा की युवा शाखा, भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) की प्रदेश अध्यक्ष के रूप में काम किया। 31 अक्टूबर 2014 को, उन्होंने महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली और उन्हें ग्रामीण विकास, महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय सौंपा गया था।
2020 में पंकजा विधान परिषद सदस्य बनीं। 2022 में, पंकजा मुंडे ने बीड जिले में नगर पंचायत चुनावों में भाजपा को जीत दिलाई। भाजपा चारों नगर पंचायतों में जीत हासिल करके शीर्ष पार्टी के रूप में उभरी, जिससे उनके प्रभावी नेतृत्व और जनता का समर्थन प्रदर्शित हुआ। 2024 महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद उन्हें पर्यावरण मंत्री और पार्टी प्रभारी का पद दिया गया और वर्तमान में वह राज्य को आगे बढ़ाने के लिए अपनी महत्वपूर्ण सेवा दे रही हैं।
| साल | मुकाम |
|---|---|
| 2009 | पहली बार विधायक बनीं |
| 2014 | ग्रामीण विकास मंत्री बनीं |
| 2020 | विधान परिषद सदस्य बनीं |
| 2024 | पर्यावरण मंत्री और पार्टी प्रभारी बनीं |
जून 2015 में, विपक्षी दल, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पंकजा मुंडे पर चिक्की घोटाले में शामिल होने का आरोप लगाया, और आरोप लगाया कि उन्होंने निविदाएं जारी किए बिना खरीद को मंजूरी देकर मानदंडों का उल्लंघन किया है। मुंडे ने भ्रष्टाचार के आरोपों को खारिज कर दिया, यह तर्क देते हुए कि जब उन्होंने खरीद शुरू की थी तब ऑनलाइन निविदा प्रणाली के लिए कोई नीति लागू नहीं थी।
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ऐसे समय पर पंकजा मुंडे ने विपक्ष को चुनौती दी थी कि अगर मेरा दोष साबित हुआ तो में सिर्फ इस्तीफा ही नहीं दूंगी बल्कि अगर मैंने किसी से एक भी रूपया लिया है तो मैं राजनीति छोड़ दूंगी। कुछ दिनों बाद, महाराष्ट्र के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने विपक्ष द्वारा कथित 206 करोड़ रुपये के चिक्की घोटाले में पंकजा मुंडे को क्लीन चिट दे दी। ब्यूरो ने कहा कि टेंडर अदालती नियमों के अनुसार दिया गया था, जबकि इस बारे में कोई सबूत नहीं थे।






