साकोली के ग्रामीण इलाकों में भी छाया कैशलेस लेन-देन का जादू, सब्जी की दुकानों पर भी QR कोड

Cashless Transactions Rural Areas of Sakoli: भंडारा जिले के साकोली गांव में इन दिनों तेजी से परिवर्तन देखा गया है। साकोली में ग्रामीण इलाकों तक अब कैशलेस पेमेंट की सुविधा पहुंच चुकी है।
Cashless Transactions Rural Areas of Sakoli: भंडारा जिले के साकोली गांव में इन दिनों तेजी से परिवर्तन देखा गया है। साकोली में ग्रामीण इलाकों तक अब कैशलेस पेमेंट की सुविधा पहुंच चुकी है।
भंडारा न्यूज
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Bhandara News: भंडारा जिले के साकोली के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में अब खरीदारी के तरीकों में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। नकद लेनदेन के बजाय अब कैशलेस ट्रांजेक्शन को प्राथमिकता दी जा रही है। यह बदलाव केवल बड़े शॉपिंग मॉल तक सीमित नहीं है, बल्कि अब सब्जी की दुकानों और रेहड़ी-पटरी वालों के पास भी QR कोड उपलब्ध हैं, जिससे छोटे-छोटे भुगतानों के लिए भी नकद की जरूरत नहीं पड़ रही है।

पिछले कुछ वर्षों में मोबाइल और इंटरनेट की पहुँच ग्रामीण इलाकों तक बढ़ने से डिजिटल क्रांति ने रफ्तार पकड़ ली है। अब जेब में नकदी लेकर बाजार जाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि दूधवाले से लेकर घरेलू सामान और खाना बेचने वाले सभी छोटे-बड़े दुकानदार कैशलेस भुगतान स्वीकार कर रहे हैं। पहले की तुलना में अब ऑनलाइन लेनदेन पर बहुत ज्यादा जोर दिया जा रहा है, जिससे नकद लेनदेन की मात्रा तेजी से कम हो गई है।

ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल क्रांति का असर

वालमाझरी के सरपंच पुरुषोत्तम रूखमोड़े ने इस बदलाव पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि, “शहरी क्षेत्रों में तो कैशलेस लेनदेन आम बात है, लेकिन किसी ने भी यह नहीं सोचा था कि ग्रामीण इलाकों में भी दूधवाला या सब्जी मंडी में कैशलेस भुगतान चलने लगेगा। इससे यह साबित होता है कि आज ग्रामीण क्षेत्र का गरीब भी शिक्षित हो रहा है और डिजिटल दुनिया को अपना रहा है। यह हमारे देश के लिए एक बहुत अच्छी खबर है।”

सरकार ने चलाया जागरूकता अभियान

यह परिवर्तन सरकारी स्तर पर ऑनलाइन लेन-देन को बढ़ावा देने की घोषणा के बाद शुरू हुआ। शुरुआती दिनों में सरकार और प्रशासन द्वारा बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाए गए, जिसका असर अब साफ तौर पर दिखाई दे रहा है।

नागरिकों को भी अब डिजिटल भुगतान का महत्व समझ आ गया है। नकद लेनदेन की मात्रा में भारी कमी आई है, जिससे डिजिटल भुगतान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। यह एक ऐसा बदलाव है जो न केवल सुविधा प्रदान कर रहा है, बल्कि ग्रामीण और शहरी भारत के बीच के डिजिटल अंतर को भी कम कर रहा है।

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