PM आवास योजना ठप! निधि के अभाव में अटके हजारों घर, भंडारा में 3 महीने से रुकी किश्तें

Prime Minister's Housing Scheme: लाखांदुर में प्रधानमंत्री आवास योजना की किश्तें तीन महीने से अटकी, हजारों लाभार्थी निर्माण रोकने को मजबूर। आर्थिक संकट गहराया, नाराजगी बढ़ी।
Prime Minister's Housing Scheme: लाखांदुर में प्रधानमंत्री आवास योजना की किश्तें तीन महीने से अटकी, हजारों लाभार्थी निर्माण रोकने को मजबूर। आर्थिक संकट गहराया, नाराजगी बढ़ी।
पीएम आवास योजना (सौजन्य-नवभारत)
Published on
Updated on

Housing Construction Stalled: प्रधानमंत्री आवास योजना के द्वितीय चरण में हजारों लाभार्थियों को आवास स्वीकृत किए गए हैं। करारनामा होने के बाद सरकार की ओर से प्रथम किश्त जारी की गई, जिसके आधार पर लाभार्थियों ने आवास निर्माण कार्य शुरू कर दिया। लेकिन पिछले लगभग तीन महीनों से द्वितीय किश्त जारी न होने के कारण तहसील में चल रहे अधिकांश आवास निर्माण कार्य अधर में लटक गए हैं।

इस विलंब को लेकर लाभार्थियों में तीव्र नाराज़गी पाई जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2016-17 से 2021-22 तक के प्रथम चरण में 7,492 लाभार्थियों को आवास मंजूर हुए। इनमें से 7,155 आवासों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। शेष 237 आवास विभिन्न कारणों से अब भी अपूर्ण हैं। हालांकि प्रथम चरण के पूर्ण लाभार्थियों को सरकार की ओर से संपूर्ण राशि प्रदान कर दी गई है, परंतु शेष 237 अपूर्ण आवासों की कुछ किश्तें अभी बाकी हैं।

दूसरे चरण की प्रगति और समस्या

वर्ष 2024-25 से 2025-26 के दौरान दूसरे चरण में तहसील के 7,348 लाभार्थियों को आवास स्वीकृत किए गए हैं। करारनामा पूरा करने के बाद सभी लाभार्थियों को पहली किश्त उपलब्ध कराई गई। प्राप्त राशि के आधार पर लगभग सभी लाभार्थियों ने तेजी से निर्माण कार्य शुरू किया। इनमें से 314 आवास अब तक पूर्ण भी हो चुके हैं। लेकिन सरकार ने दूसरी और तीसरी किश्त पिछले तीन महीनों से जारी न किए जाने के कारण शेष हजारों आवासों का निर्माण कार्य ठप पड़ गया है।

लाभार्थियों पर बढ़ा आर्थिक बोझ

बताया जाता है कि आवास निर्माण शुरू करने के लिए हजारों लाभार्थियों ने निर्माण सामग्री उधार में ली है। अब किश्तें समय पर न मिलने से ये सभी लाभार्थी कर्ज के बोझ तले दब गए हैं। उधारी चुकाने में असमर्थ होने से कई परिवार गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा हैं।

लाभार्थियों ने आरोप लगाया कि किश्तों का भुगतान अटकने से उनकी आर्थिक स्थिति खराब हो रही है। लाभार्थियों तथा स्थानीय नागरिकों की ओर से सरकार एवं प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर पिछले तीन महीनों से लंबित किश्तें तुरंत जारी करने, आवास निर्माण कार्यों को पुनः गति दिलाने की मांग की जा रही है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com