आजम खान की जेल में बिगड़ी तबीयत, डॉक्टर पहुंचे तो इलाज कराने से किया इनकार, जेल प्रशासन चिंतित

Azam Khan in Rampur Jail: आजम खान को दो पैन कार्ड मामले में सात साल जेल की सजा हुई है। उनके बेटे अब्‍दुल्‍ला आजम दो पासपोर्ट मामले में सजा काट रहे हैं।
Azam Khan
आजम खान की जेल में बिगड़ी तबीयत, डॉक्टर पहुंचे तो इलाज कराने से किया इनकार, जेल प्रशासन चिंतित
Published on
Updated on

Rampur News: जेल में बंद चल रहे सपा के वरिष्‍ठ नेता आजम खान की तबीयत बिगड़ गई है। जब दो डॉक्टर उपचार करने के लिए जेल अस्‍पताल पहुंचे तो आजम खान ने जांच करवाने से इनकार कर दिया। इसके बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। आजम खान ने इससे पहले परिवार वालों से मिलने से भी मना कर दिया था। उन्हें दो पैन कार्ड मामले में सात साल की सजा हुई है, वहीं उनके बेटे अब्दुल्ला को दो पासपोर्ट मामले में भी सात साल की सजा मिली है।

इस मामले में जेल प्रशासन की तरफ से कोई बयान नहीं आया है। शनिवार को जिला अस्पताल से जनरल फिजीशियन डॉ हसीब और सर्जन डॉ आरिफ रसूल आजम खान का स्वास्थ्य परीक्षण करने के लिए जिला कारागार पहुंचे थे। लेकिन, आजम ने जांच कराने से साफ मना कर दिया।

इस वजह से दोनों डॉक्टरों को खाली हाथ लौटना पड़ा। हालांकि, एक दिन पहले नेत्र सर्जन ने उनकी आंखों की जांच की थी। जेल प्रशासन आजम खान की सेहत को लेकर काफी चिंतित है और उन्हें लगातार दवाइयां दी जा रही हैं। जेल जाने से पहले भी आजम खां की तबीयत ठीक नहीं थी और वे दिल्ली के अस्पताल में इलाज करा चुके हैं।

सेना पर विवादित बयान मामले में 11 दिसंबर को आएगा फैसला

दूसरी तरफ, भारतीय सेना पर विवादित बयान देने के आठ साल पुराने मामले में शनिवार को एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में बहस पूरी हो गई है।  अदालत इस मामले में 11 दिसंबर को फैसला सुनाएगी। यह मामला 2017 का है, जब आजम खान पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में सेना के खिलाफ विवादित बयान देने का आरोप लगा था। भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने उनके खिलाफ केस दर्ज कराया था। पुलिस ने जांच के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था।

23 दिसंबर को इस मामले में सुनवाई

इसके अलावा, आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट से मिली सात साल की सजा के खिलाफ अभियोजन पक्ष ने सजा बढ़ाने के लिए अपील दायर की है। इस अपील पर 23 दिसंबर को सुनवाई होगी। एडीजीसी सीमा सिंह राणा ने इसकी पुष्टि की है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com