

Bhandara Sports News: भंडारा जिले के उभरते खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से छत्रपति शिवाजी महाराज जिला खेल संकुल में बनाए जा रहे सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक और फुटबॉल मैदान का निर्माण कार्य लगभग दो वर्ष बाद भी पूरा नहीं हो सका है। 15 अगस्त 2024 को भूमिपूजन के समय 18 माह में परियोजना पूरी करने का दावा किया गया था, लेकिन निर्धारित अवधि बीतने के बावजूद काम अधूरा है।
इससे खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और अभिभावकों में नाराजगी बढ़ रही है। करीब 15 करोड़ रुपये की इस परियोजना के तहत अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप 400 मीटर लंबा सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक, आधुनिक फुटबॉल मैदान तथा विभिन्न एथलेटिक्स स्पर्धाओं के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। शुरुआत में बारिश के कारण निर्माण में देरी की बात कही गई थी, लेकिन उसके बाद भी काम में अपेक्षित तेजी नहीं आई। निर्धारित समयसीमा समाप्त होने के बावजूद परियोजना पूरी नहीं होने से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के आयोजन की उम्मीद इस परियोजना का उद्देश्य भंडारा में राज्य और राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन की क्षमता विकसित करना भी है।आधुनिक ट्रैक और गुणवत्तापूर्ण मैदान तैयार होने से खेल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय खिलाड़ियों को अपने जिले में ही बड़े आयोजनों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। फिलहाल निर्माण अधूरा रहने से यह योजना भी प्रभावित हो रही है।
खेल संगठनों, खिलाड़ियों और अभिभावकों ने प्रशासन से परियोजना पूरी करने की निश्चित समयसीमा सार्वजनिक करने की मांग की है। उनका कहना है कि केवल भूमिपूजन और निधि स्वीकृत करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि खिलाड़ियों को समय पर सुविधाएं उपलब्ध कराना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है। उनका मानना है कि खेल संकुल जल्द पूरा होने पर जिले से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को तैयार करने का मार्ग और मजबूत होगा।
जिला खेल अधिकारी लतिका लेकुरवाडे ने कहा कि आधुनिक सिंथेटिक ट्रैक और फुटबॉल मैदान का निर्माण कार्य प्रगति पर है। निर्माण की गुणवत्ता और समयसीमा को लेकर प्रशासन गंभीर है तथा सभी आवश्यक तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी कर परियोजना को जल्द से जल्द पूर्ण करने का प्रयास किया जा रहा है।
निर्माणाधीन सिंथेटिक ट्रैक केवल दौड़ प्रतियोगिताओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि डिस्कस थ्रो, शॉटपुट, हाई जंप और लॉन्ग जंप - जैसी विभिन्न एथलेटिक्स स्पर्धाओं के लिए भी उपयोगी होगा। इसके अलावा 102 मीटर लंबा और 71।5 मीटर चौड़ा मानक फुटबॉल मैदान भी तैयार किया जा रहा है। परियोजना पूरी होने पर खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रशिक्षण सुविधाएं जिले में ही उपलब्ध होगी।
जिले के सैकड़ों खिलाड़ी प्रतिदिन दौड़, एथलेटिक्स, फुटबॉल और अन्य खेलों का अभ्यास करते हैं, लेकिन आधुनिक सुविधाओं के अभाव में उन्हें कठिन परिस्थितियों में तैयारी करनी पड़ रही है। राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की तैयारी कर रहे खिलाड़ियों को विशेष रूप से सिंथेटिक ट्रैक नहीं होने का नुकसान उठाना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों के लिए दूसरे शहरों में जाकर अभ्यास करना भी आसान नहीं है।