Chhatrapati Sambhajinagar: अजंता घाट में भाई-बहन के सामने अचानक आया तेंदुआ, उन्होंने बाइक रोकी और...

दोपहिया वाहन पर सवार होकर अजंता घाट से गुजर रहे दो भाई-बहनों के सामने अचानक तेंदुआ आ गया, जिससे दहशत फैल गई। हालांकि, सावधानी बरतने से हादसा टल गया।
अजंता घाट में भाई-बहन के सामने अचानक आया तेंदुआ
अजंता घाट में भाई-बहन के सामने अचानक आया तेंदुआ। (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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छत्रपती संभाजीनगर: अजंता घाट में शुक्रवार सुबह एक चौंकाने वाली घटना घटी, जिससे लोगों में भय का माहौल बन गया। दोपहिया वाहन पर सवार होकर घाट से गुजर रहे दो भाई-बहनों के सामने अचानक तेंदुआ आ गया, जिससे दहशत फैल गई। हालांकि, सावधानी बरतने से हादसा टल गया।

अजंता गांव निवासी भाई इसाक खान और मोहम्मद खान सुबह 8:30 बजे अपनी रोजाना की बाइक से अजंता गुफाओं के पास टी-जंक्शन शॉपिंग प्लाजा जा रहे थे, तभी घाट के बीच में दरगाह के पास एक नाले से अचानक एक तेंदुआ निकल आया और उनके सामने से सड़क पार कर गया।

सावधानी से टली आपदा

घटना इतनी अचानक हुई कि कुछ पलों के लिए तो दोनों बेहद डर गए। हालांकि, उन्होंने समय रहते अपनी बाइक रोक ली, जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया और जानमाल का नुकसान होने से बच गया। इस घटना के बाद घाट से रोजाना आवागमन करने वाले नागरिकों में भय का माहौल बन गया है। इससे पहले इसी इलाके के टी जंक्शन शॉपिंग प्लाजा के दो व्यापारियों ने शाम को तेंदुआ देखा था। बताया जाता है कि कुछ बाइक सवारों ने भालू भी देखा है। इससे साफ पता चलता है कि घाट इलाके में जंगली जानवरों की आवाजाही बढ़ रही है।

वन विभाग ने नागरिकों को दी सतर्क रहने की चेतावनी

घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग ने तुरंत मौके पर जाकर स्थिति का मुआयना किया और इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है। नागरिकों से अपील की गई है कि अगर उन्हें ऐसे जंगली जानवर दिखाई दें तो वे तुरंत वन विभाग से संपर्क करें। प्रभागों के साथ पार्षदों की भी संख्या बढ़ेगी, इच्छुक उम्मीदवारों की गतिविधियां बढ़ीं

अजंता गुफा से 3 मधुमक्खी के छत्तों को सुरक्षित जगह स्थलांतरण

तो वहीं दूसरी घटना में विश्व प्रसिद्ध अजंता गुफाओं में पिछले 4 महीनों से पर्यटकों के लिए खतरा बनी गुफा संख्या 10 के पास छह मई से 3 आक्रामक मधुमक्खियों के छत्ते को सफलतापूर्वक दूसरी जगह भेज दिया गया। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और वन विभाग की संयुक्त टीम ने शुक्रवार (13) सुबह यह बड़ी उपलब्धि हासिल की। सोलापुर और पुणे के मधुमक्खी हमले बचाव विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में सुबह 5 बजे यह अभियान चलाया गया। बता दें कि 7 जून को गुफा संख्या 10 के निकट हुए हमले में 200 से अधिक पर्यटक घायल हो गए थे।

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