नागपुर एयरपोर्ट के कायाकल्प के लिए AID की PM मोदी से गुहार, विदर्भ में निवेश लाना है तो नया हवाई अड्डा जरूरी

Nagpur Airport Redevelopment: विदर्भ के औद्योगिक विकास को रफ्तार देने के लिए AID ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर नागपुर हवाई अड्डे के लंबित विस्तार कार्य को जल्द शुरू करने की मांग की है।
Nagpur Airport के कायाकल्प के लिए AID की PM मोदी से गुहार, विदर्भ में निवेश लाना है तो नया हवाई अड्डा जरूरी
नागपुर एयरपोर्ट, इनसेट- पीएम मोदी (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nagpur Airport Expansion: एसोसिएशन फॉर इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट (AID) ने विदर्भ की औद्योगिक प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण नागपुर के डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लंबे समय से लंबित पुनर्विकास एवं विस्तार परियोजना को गति देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुहार लगाई है। प्रधानमंत्री के नाम दिए ज्ञापन में एआईडी ने अनुरोध किया है कि निवेश को परवान चढ़ाने के लिए नए एयरपोर्ट का विकास होना काफी जरूरी है, इसलिए वे इस पर ध्यान दें और इसे गति प्रदान करें।

एआईडी ने कहा कि पिछले कुछ समय में नागपुर सहित विदर्भ में लाखों करोड़ रुपये के औद्योगिक एमओयू हुए हैं। एडवांटेज विदर्भ सम्मेलन में देश-विदेश के प्रमुख उद्योगपतियों, अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों तथा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की सक्रिय भागीदारी रही। इससे विदर्भ की औद्योगिक क्षमता के प्रति निवेशकों का बढ़ता विश्वास स्पष्ट हुआ है।

निवेशकों की सबसे बड़ी चिंता है हवाई संपर्क

साथ ही उभरते उद्योगों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नागपुर जिले में स्किल एंड लॉजिस्टिक्स यूनिवर्सिटी की स्थापना की प्रक्रिया भी एआईडी ने प्रारंभ की है। इसके बावजूद नागपुर हवाई अड्डे का त्वरित पुनर्विकास एवं क्षमता विस्तार बड़े पैमाने पर निवेश के बाद भी निवेशकों द्वारा लगातार व्यक्त की जा रही प्रमुख चिंता बना हुआ है। उद्योग जगत का मत है कि वरिष्ठ अधिकारियों की यात्रा, हवाई माल ढुलाई तथा निर्बाध आपूर्ति शृंखला के सुचारु संचालन के लिए आधुनिक एवं विस्तारित हवाई अड्डा अत्यावश्यक है।

2018 में जीएमआर को सौंपा

वर्ष 2018 में मिहान इंडिया लिमिटेड द्वारा हवाई अड्डे के पुनर्विकास का कार्य जीएमआर एयरपोर्ट लिमिटेड को प्रदान किया गया था। यह मामला सर्वोच्च न्यायालय में लंबित था जिस पर गत वर्ष अनुकूल निर्णय प्राप्त हुआ। इसके बावजूद हवाई अड्डे के हस्तांतरण की अंतिम स्वीकृति अभी तक लंबित है। इस विलंब के कारण परियोजना के कार्यान्वयन में बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं।

केंद्रीय मंत्रिमंडल के पास लंबित

महाराष्ट्र सरकार ने केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए सभी प्रश्नों का समाधान कर दिया है तथा प्रस्ताव वर्तमान में दिल्ली में केंद्रीय मंत्रिमंडल के स्तर पर विचाराधीन है। चूंकि मामला वर्तमान में मंत्रिमंडल स्तर पर लंबित है, एआईडी ने प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप कर शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने एवं समयबद्ध कार्यान्वयन हेतु आवश्यक निर्देश जारी करने का विनम्र अनुरोध किया है। निवेदन की एक प्रति केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री केआर नायडू तथा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी दी गई है।

नागपुर हवाई अड्डे के रनवे मरम्मत से लेकर सर्वोच्च न्यायालयीन प्रक्रिया तक प्रत्येक चरण में एआईडी ने निरंतर अनुवर्ती कार्रवाई की है। विदर्भ के समग्र विकास के लिए हवाई अड्डे का आधुनिकीकरण अत्यंत आवश्यक है, यह संस्था का निरंतर मत रहा है।

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