
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स : सोशल मीडिया )
Education Innovation: छत्रपति संभाजीनगर प्रधानाध्यापक महेंद्र बारवाल ने कहा कि जिला परिषद विद्यालय में शैक्षणिक व सामाजिक उपक्रम संचालित करने के साथ ही विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाती है। इसके साथ ही सूचना व प्रौद्योगिकी के दौर में डिजिटल व नवाचारपूर्ण पढ़ाया जा रहा है।
इसके साथ ही शिक्षा पद्धतियों व विद्यालय के भावी विकासात्मक लक्ष्यों की विस्तारपूर्वक जानकारी भी बारवाल ने दी। उनका मत था कि केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि समाज निर्माण का अहम मंच है।
मकर संक्रांति के अवसर पर वड़गांव कोल्हाटी स्थित जिला परिषद उच्च प्राथमिक विद्यालय में हल्दी-कुमकुम व स्नेहमिलन कार्यक्रम उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, तब वे विचार रख रहे थे।
ससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले की प्रतिमा पर पुष्पहार अर्पित कर की गई। इस अवसर पर गांव व आसपास की बड़ी संख्या में महिलाओं भाग लिया। हरिश्चंद्र रामटेके ने कहा कि अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति की रीढ़ है।
राहुल मांडे ने सरकार की दस सूत्रीय योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए विद्यालय में उसके प्रभावी क्रियान्वयन पर प्रकाश डाला। रामहरि दहिफले ने आंगनवाड़ी व प्राथमिक विद्यालय के बीच समन्वय को मजबूत करने के लिए पहली कक्षा में प्रवेश प्रक्रिया व पूर्व-प्राथमिक शिक्षा के महत्व को रेखांकित किया।
हल्दी-कुमकुम कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के लिए संगीत कुर्सी, नींबू-चम्मच व रस्साकशी जैसी मनोरंजक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। नारी शक्ति ने इसमें जोश-खरोश से भाग लेकर कार्यक्रम को रंगारंग बना दिया।
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कार्यक्रम की सफलता के लिए विद्या सोनवणे, अनीता राठौड़, रिटा मार्कडे, सुरेखा देशपांडे, शैला शेंडे, सविता म्हस्के व लाईक शेख ने विशेष परिश्रम किए, समापन अवसर पर उपस्थित महिलाओं को भेंटवस्तुएं प्रदान की गई जिससे उनका चेहरा खिल गया।






