लाड़ली बहन योजना: ई-केवाईसी बनी मुसीबत, सिल्लोड़ में तकनीकी खामी से महिलाएं योजना से बाहर

Ladli Behna Scheme: सिल्लोड़ तहसील में लाड़ली बहन योजना की अनिवार्य ई-केवाईसी के कारण हजारों महिलाओं के आवेदन रद्द हो गए हैं, जिससे नियमित किश्त पाने वाली महिलाएं भी योजना से बाहर हो गई हैं।
Ladli Behna Yojana: E-KYC becomes a problem; technical glitches in Sillod leave women excluded from the scheme
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स : सोशल मीडिया )
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EKYC Issue Hindi News: छत्रपति संभाजीनगर 'मुख्यमंत्री मेरी लाड़ली बहन' योजना का लाभ पाने के लिए अनिवार्य की गई ऑनलाइन ई-केवाईसी प्रक्रिया ने सिल्लोड़ तहसील की महिलाओं की परेशानी बढ़ा दी है।

तकनीकी जानकारी के अभाव में हजारों पात्र महिलाओं के आवेदन निरस्त किए जाने से नियमित रूप से किश्त प्राप्त कर रहीं कई महिलाओं को अचानक योजना से बाहर कर दिया गया है।

2024 के विधानसभा चुनाव में निधि की आस लिए पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई में सरकार को भरभराकर वोट देने वाली महिलाओं की शिकायत है कि गंभीर समस्या पर अब तक प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। योजना पर फिलहाल तकनीकी अड़चनों की भरमार है। ई-केवाईसी के दौरान पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखते समय बड़ी संख्या में गलतियां हुई हैं।

सुधार का कोई विकल्प नहीं

अधिकांश महिलाओं को आवेदन की शर्तों व नियमों की गंभीरता की पूरी जानकारी नहीं थी। इसके चलते पात्र होने के बावजूद गलत जानकारी दर्ज होने से पोर्टल ने उन्हें सीधे 'अपात्र घोषित करने से उनमें बेहद रोष है।

योजना में फिट न बैठने वाली महिलाओं को अपात्र करने की प्रक्रिया मुंबई स्थित राज्य स्तर से की जा रही है। हालांकि, सिल्लोड तहसील में कितनी महिलाओं को अपात्र ठहराया गया है, इसकी कोई आधिकारिक सूची या आंकड़े महिला एवं बाल विकास विभाग के पास मौजूद नहीं हैं, इसके चलते यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा कि वास्तव में कितनी महिलाओं का लाभ रोका गया है।

हाल के महीनों से योजना का लाभ नहीं मिलने के चलते महिलाओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है। योजना की एक सबसे बड़ी तकनीकी खामी सामने आई है।

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