5 चरणों में 175 स्कूलों का मेकओवर; मुख्यमंत्री फडणवीस के 'स्कूल ट्रांसफॉर्मेशन' ने बदली गड़चिरोली की सूरत

Gadchiroli Education Revamp: गड़चिरोली के 175 जिला परिषद स्कूलों का कायाकल्प! स्मार्ट क्लास, साइंस लैब और अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हो रहे आदिवासी क्षेत्रों के स्कूल। शिक्षा में बड़ा बदलाव।
175 ZP schools revamped with smart classes, science labs & inclusive tech.
जिला परिषद स्कूल बनेंगे डिजिटल (AI Generated Photo)
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Gadchiroli School Transformation Project: गड़चिरोली जिले के दुर्गम एवं आदिवासी क्षेत्रों में स्थित जिला परिषद उच्च प्राथमिक विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण, समावेशी एवं भविष्य-उन्मुख शिक्षा व्यवस्था विकसित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पहल पर ‘स्कूल ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट’ को प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है।

शासन–निजी भागीदारी के माध्यम से सरकारी विद्यालयों के सर्वांगीण विकास को साकार करने वाला प्रकल्प गड़चिरोली जैसे भौगोलिक रूप से चुनौती पूर्ण जिले के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सिद्ध हो रहा है। यह परियोजना राष्ट्रीय भुगतान निगम (नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) और लर्निंग लिंक्स फाउंडेशन के बीच 8 दिसंबर 2021 को हुए समझौता ज्ञापन के पश्चात प्रारंभ की गई।

परियोजना के लिए राष्ट्रीय भुगतान निगम द्वारा वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है, जबकि लर्निंग लिंक्स फाउंडेशन इसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी निभा रहा है। इस कार्य में जिला परिषद, स्कूल शिक्षा विभाग तथा महाराष्ट्र शासन का समन्वय बना हुआ है।

चरणबद्ध क्रियान्वयन

दिसंबर 2021 से नवंबर 2025 की अवधि में पहले से चौथे चरण तक कुल 125 स्कूलों का विकास पूर्ण किया गया। वर्तमान में चल रहे पांचवें चरण (जून 2025 से नवंबर 2026) में 50 अतिरिक्त स्कूलों को शामिल किया गया है। इस प्रकार आरमोरी, अहेरी, चामोर्शी, देसाईगंज (वडसा), धानोरा, गड़चिरोली, कोरची और कुरखेड़ा आदि तहसीलों के कुल 175 जिला परिषद उच्च प्राथमिक विद्यालय इस परियोजना के अंतर्गत आ गए हैं।

समग्र विद्यालय विकास पर विशेष जोर

‘स्कूल ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट’ के अंतर्गत सूचना एवं प्रौद्योगिकी आधारित स्मार्ट कक्षाएं, पुस्तकालय, विज्ञान प्रयोगशालाएं, गणित एवं क्रीड़ा शिक्षण सामग्री, ‘भवन ही शिक्षण साधन’ (बिल्डिंग ऐज लर्निंग एड) संकल्प के तहत शैक्षणिक भित्ति-चित्र, विद्यालय परिसर एवं बाह्य स्वरूप का सौंदर्यीकरण, स्वच्छ शौचालय, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था (जल शुद्धिकरण संयंत्र), शिक्षक प्रशिक्षण एवं क्षमता संवर्धन कार्यक्रम, विद्यार्थियों के स्वास्थ्य एवं फिटनेस से जुड़े उपक्रम, विद्यालय प्रबंधन समितियों का सशक्तिकरण तथा सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने जैसे अनेक घटक शामिल हैं। इस परियोजना के अंतर्गत लाभार्थी विद्यालयों में विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा विद्यालय प्रबंधन समितियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है।

भविष्य-उन्मुख शिक्षा की दिशा में सशक्त कदम

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में संचालित ‘स्कूल ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट’ सार्वजनिक–निजी भागीदारी का एक प्रभावी उदाहरण बनकर उभरा है। यह परियोजना आदिवासी एवं दुर्गम क्षेत्रों में सक्षम, समावेशी एवं गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था स्थापित करने के महाराष्ट्र शासन के दृष्टिकोण को मजबूती प्रदान कर रही है। गड़चिरोली की जिला परिषद स्कूलों में हुआ यह कायाकल्प राज्य के अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणादायी सिद्ध होगा।