जिला प्रशासन की अपील, बढ़ती गर्मी को लेकर नागरिकों के लिए एडवाइजरी; दोपहर 12 से 3 बजे तक बाहर निकलने से बचें

Jalna Heatwave Advisory: जालना जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बढ़ती गर्मी व लू के खतरे को देखते हुए नागरिकों को सावधानी बरतने की अपील की है। प्रशासन ने पर्याप्त पानी पीने व धूप से बचने की सलाह दी है।
District Administration Appeals: Advisory for Citizens Amid Rising Temperatures; Avoid Stepping Out Between 12 PM and 3 PM.
Jalna Summer Health Precautions ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Jalna Summer Health Precautions: जालना गर्मी के मौसम में बढ़ते तापमान व तेज धूप के चलते होट स्ट्रोक (लू लगना) की समस्या तेजी से बढ़ जाती है। लंबे समय तक तेज धूप व अत्यधिक गर्मी के संपर्क में रहने से यह स्थिति पैदा हो सकती है। इससे न केवल मनुष्य, बल्कि पशुओं व खेती की फसलों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

इसे देखते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से नागरिकों से अपील की गई है कि वे गर्मी और हीट वेव से बचने के लिए जरूरी सावधानियां अपनाएं।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी दीपक काजलकर ने कहा कि यदि लोग समय रहते सावधानी बरतें तो लू से होने वाली बीमारियों और दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है। गर्मी के दिनों में शरीर में पानी की कमी नहीं होने देना सबसे जरूरी है।

पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। भले ही प्यास न लगे, फिर भी नियमित अंतराल पर पानी पीना चाहिए। घर से चाहर निकलते समय सिर को ढकने के लिए टोपी, छाता या कपड़े का उपयोग करें।

नागरिकों को सलाह दी गई है कि दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें। घर को ठंडा रखने के लिए खिड़‌कियों व दरवाजों पर पर्दे या शेड का उपयोग करें।

नींबू पानी व छाछ जैसे उपयुक्त

शरीर में पानी की कमी होने पर ओआरएस घोल, लस्सी, कच्चे आम का पना, नीबू पानी व छाछ जैसे पेय पदार्थों का सेवन करना फायदेमंद होता है। यदि किसी व्यक्ति को कमजोरी, सिरदर्द, चक्कर आना या अत्यधिक पसीना आने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो यह लू लगने के संकेत हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। पशुओं की सुरक्षा के लिए उन्हें छांव में रखना और पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना जरूरी है।

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