
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स : सोशल मीडिया AI )
Municipal Election Counting: छत्रपति संभाजीनगर गरवारे सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क स्थित मतगणना केंद्र पर मंगलवार सुबह से ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हुई थीं। एक ही स्थान पर 21 प्रभागों की मतगणना होने के कारण उम्मीदवारों, उनके समर्थकों और पुलिस बल की भारी मौजूदगी रही।
पूरे दिन इस केंद्र पर कहीं जीत का उत्साह, कहीं हार की निराशा तो कहीं मतगणना को लेकर उपजा तनाव देखने को मिला। इन तमाम घटनाओं के कारण गरवारे मतगणना केंद्र चर्चा का केंद्र बना रहा।
प्रभाग क्रमांक 9 से ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन का पूरा पैनल विजयी घोषित किया गया। परिणाम सामने आते ही क्षेत्र में एमआईएम समर्थकों ने जमकर जश्न मनाया। वहीं ‘अ’ प्रभाग से एमआईएम के उम्मीदवार काकासाहेब काकडे ने जीत दर्ज कर अपनी राजनीतिक मजबूती साबित की।
मतगणना परिणाम घोषित होने के बाद एमआईएम से चुने गए नवनिर्वाचित नगरसेवक काकासाहेब काकडे मतगणना केंद्र से बाहर निकले, तो वे भावनाओं पर काबू नहीं रख सके। समर्थकों से गले मिलते समय उनकी आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। कार्यकर्ताओं ने उन्हें कंधों पर उठाकर और गले लगाकर जीत का जश्न मनाया। काफी देर तक काकडे अपने आंसुओं को रोक नहीं पाए। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए भी बेहद भावुक कर देने वाला रहा।
सुबह साढ़े दस से ग्यारह बजे के बीच मतगणना शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हुई थी। हालांकि दोपहर बाद माहौल अचानक गर्मा गया प्रभाग क्रमांक 24 से वंचित बहुजन आघाड़ी के उम्मीदवार सतीश गायकवाड़ ने मतगणना प्रक्रिया पर संदेह जताते हुए आपत्ति दर्ज कराई इसके बाद उनके समर्थकों में नाराजगी फैल गई मतगणना केंद्र के बाहर कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
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स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और हल्का लाठीचार्ज किया गया। हालांकि किन परिस्थितियों में लाठीचार्ज किया गया, इसे लेकर कुछ पुलिसकर्मी भी असमंजस में नजर आए, मौके पर कुछ पुलिसकर्मी आपस में जानकारी लेते देखे गए।
पूरे दिन चली मतगणना के दौरान प्रशासन को भारी मशक्कत करनी पड़ी, कहीं जानकारी देने में देरी हुई तो कहीं अव्यवस्था के हालात बने। इसके बावजूद पुलिस बंदोबस्त के चलते किसी बड़े अप्रिय घटना को टाल लिया गया, एक और जीत का उल्लास और भावनात्मक क्षण देखने को मिले, तो दूसरी ओर मतगणना को लेकर तनाव, नारेबाजी और पुलिस कार्रवाई भी सामने आई। इन तमाम घटनाओं ने गरवारे केंद्र के दिन को यादगार बना दिया।






