
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स : सोशल मीडिया )
Vote Counting Controversy: छत्रपति संभाजीनगर मनपा के प्रभाग क्रमांक 24 ‘अ’ में मतगणना के दौरान नाटकीय घटनाओं ने पूरे शहर का ध्यानाकर्षण किया। आठवें राउंड तक बढ़त बनाए हुए वंचित बहुजन आघाड़ी के प्रत्याशी सतीश गायकवाड़ को पराजित घोषित किए जाने से हड़कंप मच गया।
मतगणना मशीन का अचानक बंद होने के बाद बदनापुर के भाजपा विधायक नारायण कुचे ने सीधे मतगणना केंद्र में प्रवेश किया जिनका चुनाव निर्णय अधिकारी ने कथित आत्मीयता स्वागत किया। इसके बाद भाजपा की गंगाबाई भवरे को विजयी घोषित पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए।
मतगणना प्रक्रिया में गायकवाड़ आठवीं फेरी तक स्पष्ट बढ़त बनाए हुए थे। इसी दौरान अचानक मतगणना मशीन बंद होने की घोषणा की गई व विधायक कुचे मतगणना केंद्र में पहुंचे। गायकवाड़ व उनके समर्थकों का आरोप है कि कुचे को देखते ही चुनाव निर्णय अधिकारी (आरओ) उठकर उनसे गले मिले।
तदुपरांत कुछ समय में दूसरी मशीन जोड़कर तीन शेष मशीनों की गिनती के बाद कुछ ही मिनटों में गायकवाड़ को पराजित घोषित कर दिया। गायकवाड़ ने कड़ी आपत्ति जताते हुए पुनर्मतगणना की मांग की।
आरोप लगाया कि आठ राउंड तक बढ़त होने के बावजूद मशीन बंद होना संदेह को और गहरा करता है। गायकवाड़ की पुनर्मतदान की मांग चुनाव निर्णय अधिकारी ने खारिज कर दी। इस मुद्दे पर करीब एक घंटे तक मतगणना केंद्र में विवाद जारी रहा।
इसी बीच, मतगणना केंद्र के बाहर गायकवाड समर्थकों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए सड़क जाम कर दी। कुछ ही समय में 100 से अधिक महिलाएं व नागरिक मतगणना केंद्र की और बढ़ने लगे। स्थिति बेकाबू होने की आशंका बनी हुई थी।
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इसके भीड़ मतगणना केंद्र के प्रवेश द्वार तक पहुंच गई व वहां धरना देते हुए विधायक नारायण कुचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू करने से तनाव फैल गया था। पुलिस लाठियां भांजकर किसी तरह स्थित नियंत्रित की, मुकुंदवाड़ी परिसर स्थित में स्थित एक होटल में छिपाए गए फर्जी वोटरों को लेकर बखेड़ा खड़ा हो गया था।






