पुराने भंडारा रोड पर रुका बुलडोजर: हाई कोर्ट ने सोमवार तक कार्रवाई पर लगाई रोक; अब किरायेदारों ने भी ठोकी ताल

Old Bhandara Road Nagpur: पुराने भंडारा रोड चौड़ाईकरण मामले में संपत्तिधारकों के बाद अब किरायेदार भी पहुँचे हाई कोर्ट। कोर्ट ने सोमवार तक कार्रवाई पर लगाई रोक, मनपा से मांगा जवाब।
Old Bhandara Road widening case: After property owners, tenants have also approached the High Court.
हाई कोर्ट ने कार्रवाई पर लगाई रोक (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Nagpur Municipal Corporation Demolition Action: एक ओर जहां पुराने भंडारा रोड के चौड़ाईकरण को लेकर जिला प्रशासन और मनपा ने बाधित मकानों पर तोड़ू कार्रवाई को अंजाम देना शुरू कर दिया वहीं पीड़ितों की ओर से लगातार हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जा रहा है। इसी शृंखला में शुक्रवार को एक किरायेदार और 2 सम्पत्तिधारकों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की। इसके पूर्व भी लगभग 100 सम्पत्तिधारकों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी।

शुक्रवार को उक्त दोनों याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करते हुए न्यायाधीश अनिल किल्लोर और न्यायाधीश राज वाकोडे ने सोमवार तक के लिए किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं करने की हिदायत दी। साथ ही मनपा को नोटिस जारी कर सोमवार तक जवाब दायर करने का आदेश दिया। मनपा की ओर से अधिवक्ता जैमिनी कासट ने पैरवी की।

23 तक पहले से लगी है अस्थायी रोक

उल्लेखनीय है कि संगीता जैन और कैलाश वजरानी के अलावा सतरंजीपुरा बड़ी मस्जिद कमेटी मिलाकर 100 के करीब सम्पत्तिधारकों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। 3 दिन पहले इस याचिका पर हुई सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 23 फरवरी 2026 तक प्रशासन को विवादित स्थल पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई न करने और स्थिति को ज्यों का त्यों बनाए रखने का सख्त निर्देश दिया।

विशेषत: हाई कोर्ट के आदेश के बाद मनपा प्रशासन ने याचिकाकर्ताओं की सम्पत्ति को छोड़ दिया था। केवल उन सम्पत्तियों पर बुलडोजर चलाया गया जिनके संदर्भ में किसी तरह की न्यायिक अड़चन नहीं थी।

...तो न्यायालय आने का विकल्प रखा था खुला

कोर्ट ने गत आदेश में स्पष्ट किया था कि यदि प्रतिवादी सरकारी पक्ष की ओर से ऐसे कोई कदम उठाने का इरादा जताया जाता है तो उनके लिए इस न्यायालय में आने का विकल्प खुला है। याचिकाकर्ताओं का मानना है कि सरकार ने 31 दिसंबर 2024 को भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन अधिनियम, 2013 के तहत अधिसूचना जारी की है जिसमें कई बातों का पालन नहीं किया गया है।

कोर्ट को बताया गया कि पुराना भंडारा रोड पर भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन अधिनियम, 2013 की धारा 19 (1) और (2) में प्रदत्त नियमों का पालन नहीं किया गया। न तो पुनर्व्यवस्थापन और पुनर्वास को अंजाम दिया गया और न ही नियमों के अनुसार निधि जमा की गई है। कानून और नियमों के अनुसार प्रशासन की कार्यप्रणाली पूरी तरह से गलत है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com