
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोेर्स: सोशल मीडिया )
BAMU Convocation IISER Director: छत्रपति संभाजीनगर पुणे स्थित ‘आईसर’ के निदेशक प्रा. सुनील भागवत ने कहा कि छात्र आज स्नातक बनकर जीवन के नए क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं, इस खुशी के क्षण में आत्मचिंतन व जीवन को सकारात्मक दृष्टिकोण से देखना जरूरी है।
शिक्षा का उद्देश्य केवल अंक, डिग्री या नौकरी तक सीमित नहीं होना चाहिए। असफलता भी सफलता की एक सीढी होती है। शिक्षा से सोचने, सीखने, योजना बनाने व उसे क्रियान्वित करने का आत्मविश्वास प्राप्त होता है। इन सभी गुणों के साथ जीवन का सामना साहसपूर्वक करें।
उनका कहना था कि शिक्षा के जरिए व्यक्ति में क्षमता विकसित होती है। शिक्षा व अनुसंधान से इस क्षमता का उपयोग समाज व मानवता के कल्याण के लिए करें। डॉ बाबासाहेब आंबेडकर मराठवाडा विश्वविद्यालय के सोमवार को आयोजित 66वें दीक्षांत समारोह में वे बतौर प्रमुख अतिथि बोल – रहे थे।
विवि के ऑडिटोरियम में – आयोजित समारोह में प्र-कुलपति डॉ. – वाल्मीक सरवदे, कुलसचिव डॉ. प्रशांत – अमृतकर, परीक्षा बोर्ड निदेशक डॉ. – बीएन डोले, वित्त व लेखाधिकारी सविता जम्पावाड़, विद्याशाखा के अधिष्ठाता डॉ. महेंद्र शिरसाठ, डॉ. संजय सालुंके, डॉ. वैशाली खापर्डे, डॉ. वीणा हुंबे संग विवि प्रबंधन परिषद के सदस्य व अधिकारी मौजूद थे।
अध्यक्षीय समापन में कुलपति डॉ. विजय फुलारी ने कहा कि स्नातक होकर बाहर निकलते समय आपका रिश्ता बदलता है। अब आप विवि के भागीदार बनते हैं व अपने लक्ष्य के शिल्पकार स्वयं होते है। प्राप्त की गई डिग्री अंतिम लक्ष्य नहीं, बल्कि जीवन यात्रा का अहम पड़ाव है, भविष्य में विद्यार्थियों की सफलता विवि के लिए गर्व का विषय होगी।
समारोह में अक्टूबर-नवंबर 2024 व मार्च-अप्रैल 2025 की परीक्षाओं में उत्तीर्ण छात्रों, 21 नवंबर से 21 दिसंबर 2025 के बीच पीएच. डी पूर्ण करने वाले 269 शोधार्थियों को भी डिग्रियां दी गईं। इस वर्ष कुल 64,407 आवेदन प्राप्त हुए थे जिनमें 51,942 स्नातक, 12,465 स्नातकोत्तर व एमफिल व पीएचडी के 269 छात्र शामिल थे।
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विभिन्न विद्या शाखाओं के शोधार्थियों विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (104), मानविकी (99), वाणिज्य एवं प्रबंधन (20) व अंतर्विषयक अध्ययन (46) के शोधार्थियों को पीएच।डी उपाधि प्रदान की गई। संचालन डॉ मुस्तजिब खान ने किया।






